मधुबनीः मिथिला पेंटिंग की कलाकार श्रीमती गोदावरी दत्ता को लाइफ टाइम एचीवमेंट अवार्ड से सम्मानित किया जायेगा. जापान में मिथिला पेंटिंग को लोकप्रिय बनाने में इनका सराहनीय योगदान रहा है. आज भी इनकी बनायी पेंटिंग जापान के संग्रहालय की शोभा बढ़ा रही है. गौतम बुद्ध की जीवनी से संबंधित बोधि वृक्ष नामक इनकी बनायी मिथिला पेंटिंग विश्व की अनमोल पेंटिंग मानी जा रही है.
2006 में मिला शिल्प गुरु सम्मान
वर्ष 2006 में श्रीमती गोदावरी दत्ता को कला क्षेत्र के सर्वोत्कृष्ट पुरस्कार शिल्प गुरू सम्मान से नवाजा गया. इनकी बनायी मिथिला पेंटिंग पर बनी टेली फिल्म कलाकार नमस्कार को दूरदर्शन पर भी प्रसारित किया गया है.
इनकी बनायी पेंटिंग की प्रदर्शनी पेरिस में भी लगायी गयी थी. जर्मनी में भी इन्होंने अपनी कला को प्रदर्शित किया था. शहर से सटे रांटी गांव की श्रीमती दत्त महिलाओं को प्रशिक्षण देकर इस कला को जीवित रखने का हर संभव प्रयास कर रही हैं. उनका कहना है कि उनके जीवन का मुख्य उद्देश्य इस कला को बिचौलिये के प्रभाव से मुक्त कराना है.
श्रीमती दता ने बतायी की चित्रकला कब से शुरू की इसके बारे में उनको पता नहीं है. अपने गुरु माता के प्रति श्रद्धा सुमन अर्पित करते हुए उन्होंने कहा कि हम जब छोटी उम्र में थी उसी समय स्लेट और पेंसिल से मां को देख कर चित्रकला करतीं थीं.
