मधुबनी : पूर्व में जिप अध्यक्ष द्वारा गठित सातों समिति को भंग करने के बाद इसके पुनर्गठन को लेकर मंगलवार को आयोजित जिप की विशेष बैठक रात एक बजे तक चली. यह बैठक कई मायनों में यादगार रहा. जिप की राजनीति में समिति के गठन को लेकर ना सिर्फ जिले में यह इतनी रात तक चलने वाली पहली बैठक रही. बल्कि संभवत: पूरे प्रदेश का ही पहला बैठक रहा जहां पर समिति का गठन निर्वाचन प्रक्रिया के तहत पूरी की गयी. इस दौरान उपाध्यक्ष नहीं थे.
वोटिंग से समिति गठित चुनाव. देर रात तक चली जिला परिषद की बैठक
मधुबनी : पूर्व में जिप अध्यक्ष द्वारा गठित सातों समिति को भंग करने के बाद इसके पुनर्गठन को लेकर मंगलवार को आयोजित जिप की विशेष बैठक रात एक बजे तक चली. यह बैठक कई मायनों में यादगार रहा. जिप की राजनीति में समिति के गठन को लेकर ना सिर्फ जिले में यह इतनी रात तक […]

तीखी नोक झोंक से ही शुरू हुई थी बैठक
मंगलवार को जिप सदस्यों की तीखी नोक झोंक के साथ शुरू हुई जिला परिषद की विशेष बैठक समय बीतने के साथ साथ इस कदर गरमाता गया और दो खेमों में बंट गये जिप सदस्यों के बीच आरोप प्रत्यारोप का दौर ऐसा चला कि शाम होते होते उपाध्यक्ष मेराज अंसारी के साथ साथ करीब दस सदस्य सदन से वाक आउट कर गये. कई जिप सदस्यों द्वारा जिप अध्यक्ष द्वारा पूर्व में गठित सातों समिति में अध्यक्ष के अपने चहेतों को शामिल किये जाने का आरोप समय समय पर लगाया जाता रहा था.
इस कारण बैठक की शुरुआत में ही जिप अध्यक्ष शीला देवी ने पूर्व में गठित सात स्थायी समिति को खुद ही भंग करने की घोषणा की. इसके बाद पुन: सभी सात विभिन्न समिति का गठन चुनावी प्रक्रिया से करने का सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया.