सदन की गरिमा हुई धूमिल

मधुबनी : जिप के बैठक के दौरान सदन में जिस प्रकार से आरोप प्रत्यारोप का दौर चला एवं कुछ मामले सामने आये उसे लेकर अब जिप सदस्यों की प्रतिक्रिया भी सामने आने लगी है. जिप सदस्य अनीता देवी ने मंगलवार को देर रात में निर्वाचन के द्वारा गठित समिति को पुन: भंग करने व कार्यवाही […]

मधुबनी : जिप के बैठक के दौरान सदन में जिस प्रकार से आरोप प्रत्यारोप का दौर चला एवं कुछ मामले सामने आये उसे लेकर अब जिप सदस्यों की प्रतिक्रिया भी सामने आने लगी है. जिप सदस्य अनीता देवी ने मंगलवार को देर रात में निर्वाचन के द्वारा गठित समिति को पुन: भंग करने व कार्यवाही की वीडियो को सार्वजनिक करने की मांग प्रशासन से की है.

उन्होंने कहा है कि देर रात में कई सदस्यों के पति व रिश्तेदारों ने सदन में मौजूद रहकर वोटिंग की गोपनीयता को भंग किया है. यह कथित तौर पर अध्यक्ष के इशारे पर किया गया है. जिससे समिति के गठन का औचित्य ही समाप्त हो जाता है. बुधवार को प्रेस वार्ता करते हुए अनीता देवी ने कहा है कि सबसे पहले तो सदन में रेलवे हादसे में मारे गये लोग व देश के शहीद वीर जवानों के श्रद्धांजलि सभा पर ही सदस्यों ने रोक लगायी जो किसी भी भारतीय के लिये उचित नहीं है. जब अध्यक्ष के रहते शहीद को श्रद्धांजलि नहीं दी जा सकती तो ऐसे अध्यक्ष को तत्काल ही पद त्याग करना चाहिए. कहा कि वोटिंग कराने के लिये देर रात तक का इंतजार किया गया. बेवजह ही दिन भर बहस होती रही. और बाहरी लोग सदन में आ जायें वही हुआ. यह सदन की गरिमा व उसकी गोपनीयता को भंग करती है.

उन्होंने कहा है कि कुछ जिप सदस्य को यह कहकर बरगलाया गया है कि जब तक समिति का गठन नहीं होगा तब तक सरकार के द्वारा उन्हें राशि नहीं दी जायेगी. यह गलत है. ऐसे सदस्यों को यह मालूम होना चाहिए कि अभी किसी भी जिले में सरकार ने राशि निर्गत नहीं की है. इसलिए इस जिले में भी राशि निर्गत नहीं की गयी है.
सदन में ये रहा अहम
* कार्यपालक पदाधिकारी व अध्यक्ष के बीच में रहे उपाध्यक्ष
* शुरुआत में ही अध्यक्ष ने अपने द्वारा गठित समिति को किया निरस्त
* शहीद के श्रद्धांजलि में दो मिनट का मौन रखने पर विरोध व हंगामा
* मारपीट पर उतारू हुए कुछ सदस्य
* चुनाव प्रक्रिया से हुई समिति का गठन
* एक सदस्य द्वारा एक ही समिति में वोटिंग का विरोध
* देर शाम उपाध्यक्ष व कुछ सदस्यों का सदन से बाहर निकलना
* देर रात तक वोटिंग
* कथित तौर पर बाहरी लोगों का सदन में प्रवेश
पहली बार चुनावी प्रक्रिया के तहत समिति का गठन
गठित समिति
सामान्य स्थायी समिति
वित्त अंकेक्षण व योजना समिति
उत्पादन समिति
सामाजिक न्याय समिति
लोक स्वास्थ्य परिवार कल्याण
ग्रामीण स्वच्छता समिति
कार्य समिति का गठन होगा
सदस्यों के पति रहे मौजूद. जिप सूत्रों का कहना है कि देर रात होने के कारण नियम की जमकर धज्जियां उड़ायी गयी. रात में वोटिंग की गहमा गहमी जब चरम पर पहुंच गयी तो कई सदस्यों के पति भी सदन में शामिल हो गये और वोटिंग के दौरान भी उपस्थित रहे. हालांकि समितियों के सदस्यों में से अब तक किसी भी समिति के अध्यक्ष पद की घोषणा नहीं की गयी है.
देर रात में पूरी हुई चुनाव प्रक्रिया
बैठक में सर्वसम्मति से स्थायी समिति के गठन की प्रक्रिया चुनाव के द्वारा कराये जाने के निर्णय के बाद नामांकन का समय 2 बजे अपराह्न तक दिया गया. इस बीच सभी सात स्थायी समिति के लिए जिप सदस्यों द्वारा नामांकन प्रक्रिया पूरी की गई. इसमें चुनाव के दौरान वोटिंग को लेकर पेंच फंस गया. जो देर रात में जाकर समाप्त हुई. एक खेमे का कहना था कि एक सदस्य मात्र एक समिति के लिये ही वोटिंग करेंगे. जबकि दूसरे खेमे के सदस्यों का कहना था कि हर सदस्य कम से कम चार समिति में वोटिंग कर सकते हैं. यह पेंच इस कदर उलझा कि अंतत: देर शाम में उपाध्यक्ष मेराज अंसारी के साथ साथ अन्य करीब दस सदस्यों ने देर शाम करीब छह बजे वाक आउट कर दिया और वे सदन से बाहर निकल गये. पर सदन की कार्यवाही चलती रही. यह मामला देर रात तक फंसा रहा. अध्यक्ष व उप विकास आयुक्त में नियम के तहत वोटिंग होने व नहीं होने की बात चलती रही. अंतत: देर रात करीब एक बजे में समिति का गठन के लिये सदन में उपस्थित करीब 40 सदस्यों ने वोटिंग की.

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