तालाबों को भरने से नीचे जा रहा जलस्तर

मधुबनी : तालाब संरक्षण एवं नगर परिषद के कथित जनविरोधी कार्य को लेकर नागरिक अधिकार मंच के बैनर तले समाहरणालय के समक्ष विशाल धरना का आयोजन किया गया. इस अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि ऐतिहासिक तालाबों का शहर मधुबनी आज खुद प्यासा है. मधुबनी के बहुतेरे तालाब को भू माफिया ने भरकर मकान बनाने […]

मधुबनी : तालाब संरक्षण एवं नगर परिषद के कथित जनविरोधी कार्य को लेकर नागरिक अधिकार मंच के बैनर तले समाहरणालय के समक्ष विशाल धरना का आयोजन किया गया. इस अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि ऐतिहासिक तालाबों का शहर मधुबनी आज खुद प्यासा है. मधुबनी के बहुतेरे तालाब को भू माफिया ने भरकर मकान बनाने के लिये बेच दिया है. बचे हुए तालाबों पर भी अतिक्रमण का खेल जारी है. जल की जगह कंक्रीट ने ले रखी है.

जलस्तर नीचे जाने से कई मुहल्ले के चापाकल सूखते जा रहे हैं. मधुबनी नागरिक अधिकार मंच 5 वर्षो से जल जीवन तालाब आंदोलन चलाकर जनजागरण करता रहा है. इनकी मुख्य मांगों में तिलक चौक एवं कीर्तन भवन स्थित तालाबों सहित सभी सरकारी तालाबों की उड़ाही करवाया जाय, तालाब के चारों ओर पक्का घाट बनवाया जाय तथा चारो भिंडा पर फलदार एवं औषधीय पौधे लगाया जाय. तालाबों का फर्जी कागज बनाकर खरीद बिक्री करने वालों पर अविलंब कानूनी कार्रवाई कर गिरफ्तार किया जाय, तालाबों के संरक्षण के लिये स्थानीय समाज की समिति बनाकर मॉनीटरिंग की जिम्मेदारी दी जाय, कर्मचारी ,

सीआई, सीओ, डीसीएलआर , एसडीओ एवं एसी की जिम्मेदारी तय की जाय, किंग्स कैनाल , वाटसन कैनाल तथा राज कैनाल को पक्का कर शहर की पानी निकासी की व्यवस्था स्थायी की जाय. धरना को अमरेश श्रीवास्तव , लाल बहादुर सिंह, मानस कुमार यादव, शिवेश चंद्र झा, अश्वनी कुमार, डा. उमेश भगत, तरुण प्रभाकर, दिलीप श्रीवास्तव शामिल थे.

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