गिलेशन मंडी में छायी वीरानगी
नहीं आ रहे बाहर से भी सामान, ग्राहक का करना पड़ता है इंतजार
मधुबनी : सरकार द्वारा वर्तमान में प्रचलन में रहने वाले 500 एवं 1000 के नोट के बंद करने के आदेश का बाजार के कारोबार पर सीधा असर पड़ा है. आलम यह है कि जो व्यवसायी दो दिन पहले सैकड़ों ग्राहकों को सामान बेचकर लाखों का कारोबार करते थे आज उनका कारोबार महज सौ और हजार तक सिमट कर रह गया है. सबसे व्यस्त रहने वाला गिलेशन बाजार में इन दिनों सन्नाटा पसरा हुआ है. न तो ग्राहक हैं न ठेला , रिक्शा वाले और न ही ट्रक ही बाजार में दिख रहा है.
पहले बेचते थे 1.5 लाख का सामान, आज 13 हजार का
गिलेशन बाजार किराना मंडी व्यवसायी संघ के अध्यक्ष सुरेश प्रसाद के दुकान पर भीड़ लगी रहती थी. पर शनिवार को वे ग्राहक का इंतजार करते नजर आये. सुरेश बताते हैं कि बाजार में पांच सौ और 1000 का नोट बंद होने से पहले औसतन हर दिन करीब डेढ़ लाख से दो लाख रुपये का सामान बेचा करते थे. पर गुरुवार को मात्र 13 हजार का ही सामान बिका है. लोग हजार और पांच सौ रुपये के नोट लेकर ही आ रहे हैं. कहां से छुट्टे देंगे और कितना देंगे. जो कोई छुट्टे खरीद रहे हैं.
केवल उन्हें ही सामान दिया जा रहा है. बताते हैं कि इन दिनों बाहर से भी सामान नहीं आ रहा है. एजेंसी या कंपनी नकद राशि की मांग करता है. बैंक से भेज नहीं सकते है. इतने रुपये सौ के हैं नहीं. इसलिये सामान भी नहीं आ रहा है. दिन भर में विभिन्न सामान से लदा करीब दस से पंद्रह ट्रक हर दिन बाजार में आता था. पर दो दिन में तीन से चार ट्रक सामान ही आ सका है. वो भी पहले दिये गये रुपये के कारण
रोजाना था 1.75 करोड़ का कारोबार
गिलेशन बाजार में किराना के कुल 87 दुकान हैं. इसमें 10 थौक व 70 खुदरा व्यवसायी, बांकी छोटे छोटे व्यवसायी हैं. सुरेश साह बताते हैं कि बाजार हमेशा ही व्यस्त रहता था. ग्राहकों से बाजार खचाखच भरी रहती थी. पर अभी सन्नाटा पसरा है. नोट बंद करने के ऐलान से पहले हर दिन करीब एक करोड़ 75 लाख रुपये तक का कारोबार औसतन होता था. पर अब तो महज 50 हजार तक ही कारोबार हो रहा है. दुकान पर व्यवसायी ग्राहक का इंतजार कर रहे हैं. यह केवल एक किराना मंडी की बात नहीं है. यहीं हाल हर कारोबार पर है.
