बाजार का हाल Â 20 प्रतिशत हो रही है किराने की बिक्री
मधुबनी : केंद्र सरकार के 500 और 1000 रुपये के नोट बंद करने के बाद फैसले का बाजार पर बुरा असर पड़ा है. विगत दो दिनों में बाजार में करीब 80 फीसदी कारोबार में कमी आयी है. दो दिनों से बाजार से लेकर आम जनजीवन तक प्रभावित दिख रहा है. जिले भर में जहां के बाजारों में वीरानी है. हालांकि लगातार हो रहे घाटा के बाद भी अधिकांश व्यवसायियों ने प्रधानमंत्री के इस कदम को स्वागत किया. लोगों का उम्मीद देश से भ्रष्टाचार एवं कालाधन पर लगाम लगाने की लगी है.
कच्चे माल के दाम में गिरावट
आम दिनों में लोगों से गुलजार बाजार दो दिनों से सूना पड़ा है. बड़े नोटों की लेन-देन की इनकार के चलते लोगों ने बाजार से दूर रहने में ही भलाई समझी है. हालांकि ग्राहक रोजमर्रा के सामान के लिए बाजार तक पहुंच रहे है. बावजूद बाजार में काफी मंदी देखी जा रही है. कारोबार में 80 फीसदी तक गिरावट देखी गयी है. कारोबारियों ने आशंका जतायी है कि बाजार में करीब एक हफ्ता तक मंदी जारी रहेगा. बाजार सूत्रों के मुताबिक पक्के माल में जहां कीमतें स्थिर है, वहीं कच्चे माल की मूल्यों में भारी गिरावट हुयी है. इसका सबसे अधिक असर सब्जी बाजार पर पड़ा है.
परेशान हैं लोग
लोगों को छुट्टा रुपया नहीं होने के चलते काफी परेशानी हो रही है. कई लोग 500 और हजार की नोट नहीं होने के कारण दूध, सब्जी, दवा नहीं खरीद सकें. उन्हें खाली हाथ ही लौटना पड़ रहा है. छुट्टे पैसे नहीं होने के कारण यात्रियों को भी काफी परेशानी हो रही है. इसका असर रेल, सड़क आदि परिवहन सेवा पर देखा जा रहा है. ऑटो चालक यात्रियों से पहले छूट्टे पैसे की मांग करते है इसके बाद ही उन्हें ऑटो पर बैठने दिया जाता है.
खरीदारी से परहेज
दो दिनों से बाजार में सामानों की खरीदारी से लोग परहेज कर रहे है. आवश्यक वस्तु को छोड़ अन्य वस्तुओं की खरीद के लिए सिर्फ योजनाएं ही बना रहे है. यहां तक की बच्चों की डिमांड को भी अभी पुरा नहीं कर पाते है. व्यवसायियों की माने तो ग्राहक बाजार नहीं पहुंच रहे है. आलू, प्याज व्यवसायी राजू साह ने बताया कि पहले यहां प्रतिदिन करीब 50 बोड़े आलू,प्याज की बिक्री होती थी. अब ये सिमट कर दो दिनों में पांच बोडे पर आ गयी है. वहीं सब्जी विक्रेता बसंत साह बताते है कि जहां पहले प्रतिदिन 5 से 6 हजार की बिक्री होती थी . अभी सिर्फ एक हजार की बिक्री हो पाती है. सब्जी के दाम में हमलोगों ने 35 से 40 फीसदी कीमत कम करके बेच रहे है.
बिक्री हुई प्रभावित
किराना व्यवसायी संघ के अध्यक्ष सुरेश प्रसाद साह ने बताया कि बाजार में दो दिनों से काफी मंदी है. एक ओर जहां लोग खरीदारी से परहेज कर रहे है वहीं दूसरी ओर अधिकांश ग्राहक अभी भी पांच सौ और हजार के ही नोट लेकर आते है जिससे बिक्री प्रभावित हुयी है. किराना मंडी में 80 प्रतिशत की गिरावट आयी है.
सब्जी बाजार लुढ़का, किराना व्यवसाय में गिरावट
