परेशानी. पैसा रहने के बावजूद भटकने को मजबूर हुए लोग
बेनीपट्टी : अनुमंडल प्रक्षेत्र का साहरघाट स्थित बसबरिया पेट्रोल पंप पर बुधवार की अहले सुबह पेट्रोल लेने पहुंचे दर्जनों बाइक सवार को पांच सौ व हजार के नोट के कारण भारी फजीहत झेलनी पड़ रही थी़ अधिकांश ग्राहकों के पास पांच सौ या हजार के ही नोट थे, पर पंप कर्मी वो नोट लेने से साफ-साफ इनकार कर रहे थे़ पांच सौ रुपये का नोट लिए पंक्ति में खड़े साहरघाट के नवटोली निवासी देवेंद्र महतो पंप कर्मियों से पेट्रोल देने की गुहार लगा रहे थे,
पर पंप कर्मियों ने पेट्रोल देने से लगातार यह कहकर इनकार किया कि या तो छुट्टे पैसे दो या फिर पूरे रुपये का तेल लो़. काफी जदोजहद के बाद ग्राहक देवेंद्र ने साहरघाट थाना के एसएचओ प्रेमलाल पासवान को फोन कर अपनी परेशानियों से अवगत कराया़ एसएचओ के पहल पर पंपकर्मियों ने देवेंद्र को पेट्रोल दे दिया़ उसके चंद मिनटों के बाद सोनई के राजेश कुमार व मनोज कुमार कामत अपनी बाइक लिए पंप पर पहुंचे, पेट्रोल के लिए आरजू विनती की पर कर्मी उसकी एक भी सुनने को तैयार नहीं थे़ दरअसल राजेश अपनी जेब में 5 सौ का एक ही नोट लेकर चले थे और अपने बीमार संबंधियों से मिलने जा रहे थे़
तेल नहीं मिलने के कारण पूरी तरह पशोपेश में पड़े थे़ दूसरी ओर जानकीनगर के सुरेंद्र राम को भी इसी समस्या से दो चार होना पड़ रहा था, खेत की सिंचाईं के लिए डीजल लेने आये थे़ जबकि गंगौर पंछगछिया निवासी रामस्वार्थ यादव कॉलेज जाने के लिए अपनी बाइक से निकले थे़ एक हजार के नोट के कारण डीजल नहीं दिया जा रहा था़ वहीं बैरवा के सुधीर कुमार ऑटो से अपने बीमार परिजनों को इलाज कराने के लिए दरभंगा जा रहे थे और साथ में केवल हजार व पांच सौ के नोट थे़
डीजल नहीं मिलने के कारण पंप कर्मियों के साथ हो हुज्जत करने में मशगूल देखे जा रहे थे़ दिपेश बताते हैं कि फुआ बीमार है, दरभंगा में भरती है और हमारे पास महज 5 सौ के ही नोट है, पंपकर्मी तेल नहीं दे रहे है़ं कहते हैं कि छुट्टे दो या फिर पूरे पांच सौ का तेल ले लो़ अब क्या करें. अगर सभी रुपयों का तेल ले लेता हूं.
तो दरभंगा में और सारे काम कैसे कर पाउंगा़ कुल मिलाकर पंप पर यही हाल ब्रहंपुरी गांव के बसैठ जा रहे धर्मेंद्र राम समेत अन्य लोगों का था, जो पंप पर पेट्रोल व डीजल के लिए हाय तौबा मचाये हुए थे़
