बासोपट्टी : भारत-नेपाल सीमा पर अवस्थित बासोपट्टी प्रखंड के इलाकों में 500 व 1000 रुपये के एलान को लेकर जन-जीवन अस्त व्यस्त हो गया. बासोपट्टी के निजी क्लिनिक, दवा दुकान, राशन दुकान, गैस एजेंसी पर 500 एवं 1000 रुपये की नोट लेने-देन पर रोक लगाने से लोगो को काफी परेशानी बढ़ गयी है़ बस,ऑटो चालक भी ये नोट लेने से इनकार कर रहे है़ घोषणा के बाद गांव-मुहल्ले में चर्चा जोरों से चलने लगी़ देर रात्रि में कई व्यवसायी अपना दुकान खोल कर नोटों का मिलान कर अविलंब कोई जुगाड़ लगाने में व्यस्त रहे. हर गली-मुहल्ले में सिर्फ नोट बंद होने की खबर पर भाग-दौड़ मच गई़ कई लोग घर से बैंक व डाकघर में पैसा जमा करने के लिए पहुंचे, पर, बैंक बंद रहने की वजह से घर को वापस हुए.
कई लोग बाजारों में दुकान पर नोट फेरबदल के लिये दलालों के चंगुल में फंस गये. एक व्यवसायी ने नाम नही छापने के शर्त पर बताया कि पड़ोसी देश नेपाल से भी कई नागरिक नोट के फेरबदल के लिए बाजारों में दुकान पर पहुंच रहे है़ उन लोगो के लिए सीमा से सटे गांवों में निजी एजेंट के माध्यम से प्रति नोट पर कमीशन के तौर पर नोट फेरबदल किया जा रहा है़
नेपाल से भी अधिकांश लोग बाजारों मे चक्कर लगा रहे है़ सीमा से सटे खौना,दुहबी बाजार,जानकीनगर,महिंनाथपुर सहित अन्य गांवों में व्यवसायी नोट का फेरबदल कर चांदी काट रहे है़ अचानक उक्त घोषणा से कई लोगों की परेशानी बढ़ गयी है़ जिस घर में बेटा व बेटी के ब्याह है़ उनके लिये भी एक मुसीबत बढ़ गयी है़ दूसरे नोट के इंतजाम में लोग शादी की तैयारी को छोड़ कर व्यस्त रहे. वहीं कई बुद्धजीवियों ने नोट पर रोक लगाने को लेकर सरकार के द्वारा किये गये फैसले की सराहना की है.
