सफलता. लूटपाट में शामिल अपराधी सुपौल िजले के
मधुबनी : लौकही थाना क्षेत्र के भूतहा के नजदीक विगत दो अगस्त की रात हुए बस डकैती व हत्या कांड के मामले में घटना के ग्यारह दिन बाद जिला पुलिस ने मामले का उद्भेदन कर लिया है. घटना में संलिप्त 11 अपराधियों में चार अपराधियों की गिरफ्तारी एसटीएफ की टीम ने की है. जानकारी देते हुए पुलिस अधीक्षक अख्तर हुसैन ने बताया कि घटना का मास्टर माइंड व सरगना कुख्यात अपराधी इब्राहिम व मो. इस्माइल है. बताया जा रहा है कि दोनों अपराधी सगे भाई हैं.
सुपौल का है गिरोह
लूट व हत्या करने वाला यह गिरोह सुपौल जिला का है. एसपी ने बताया है कि मोबाइल सर्विलांस पर लेकर गिरोह का टोह लिया. एसपी ने घटना के दिन ही एक टीम गठन कर दिया था. सबसे पहले टीम ने सूचना के आधार पर राजकुमार साह नामक अपराधी को सुपौल जिला के निर्मली थाना क्षेत्र के बेला ललमनियां से दबोचा. वहीं लक्ष्मी मुखिया एवं देवनंदन मुखिया को निर्मली थाना के मझारी गांव से पकड़ा. जबकि चौथे अपराधी रामसेवक यादव को पुलिस की टीम ने लौकही थाना के बनगामा स्कूल परिसर से दबोचने में सफल हुई. इन लोगों के पास से 14 मोबाइल, एक देसी कट्टा एवं एक जिंदा कारतूस भी बरामद किया गया है.
देवनंदन ने मारी गोली
लूटपाट के दौरान विरोध करने वाले सुपौल जिले के एक यात्री उदय कुमार को देवनंदन ने गोली मारी. बताया जा रहा है कि लूटपाट के दौरान उदय ने अपराधी मुकेश यादव को दबोच लिया. इसी दौरान देवनंदन मुखिया ने देसी कट्टा से उदय को गोली मार दी. जिससे घटना स्थल पर ही उदय की मौत हो गयी.
पुलिस पकड़ से दूर है मास्टर माइंड
घटना में शामिल ग्यारह अपराधी में से चार को पुलिस ने पकड़ा है . मास्टर माइंड इब्राहिम सहित सात अब भी फरार है. एसपी अख्तर हुसैन ने बताया है कि घटना में शामिल अपराधी के खिलाफ स्पीडी ट्रायल चलाया जायेगा. टीम में फुलपरास के डीएसपी, झंझारपुर डीएसपी, अंधरामठ, लौकहा, झंझारपुर, लौकही एवं लदनियां के थाना प्रभारी शामिल थे. साथ ही तकनीकी पदाधिकारी मधुसूदन पासवान भी शामिल था.
इब्राहिम कर रहा था दल का नेतृत्व
पुलिस ने बताया है कि लूट कांड में शामिल अपराधियों का नेतृत्व इब्राहिम कर रहा था. मुजफ्फरपुर में ही इब्राहिम, राजकुमार साह, वीरेन सदाय, देवनंदन मुखिया नामक चारों अपराधी अमर ज्योति बस में यात्री के रूप में भूतहा चौक तक के लिए चढे. ये चारों भूतहा चौक पर उतर गया. यहां पर सात अपराधी बस में सिमरी तक के लिए चढे. इसी दौरान इब्राहिम के साथ आये अन्य तीनों अपराधी भी यह कह कर बस में चढ गये कि उन्हें कुछ दूर और जाना है. इस प्रकार बस में कुल 11 अपराधी सवार हो गये. सवार होते ही सभी 11 अपराधी बस में सवार यात्रियों से लूट पाट करना शुरू कर दिया
