शहर में एक्सपायरी शीतल पेय बेचे जाने का मामला आया सामने
मधुबनी : शहर में इन दिनों शीतल पेय के नाम पर लोग ठंडा जहर पी रहे हैं. कई माह पहले का बना शीतल पेय खुलेआम तौर पर बेचा जा रहा है. जिसे पीने से लोग बीमार हो सकते है. आलम यह है कि एक्सपायरी शीतल पेय भी बाजार में खुलेआम बेचा जा रहा है. दुकानदार जहां ग्राहकों को भरमाकर शीतल पेय के नाम पर ठंडा जहर बेच रहे हैं वहीं ग्राहक जानकारी के अभाव में ये जहर पी रहे हैं. शहर में बेचे जा रहे एक्सपायरी शीतल पेय के मामले का खुलासा शनिवार को हुई जब खाद्य संरक्षण अधिकारी अजय प्रसाद ने शहर में दुकानों पर छापेमारी की. इस दौरान व्यापक तौर पर एक्सपायरी ठंडा के बोतल बरामद हुए.
सालाना चार करोड़ का कारोबार
खाद्य संरक्षण अधिकारी की मानें तो मधुबनी शहर भर में सालाना चार करोड़ का शीतल पेय का कारोबार हो रहा है. जबकि पूरे जिले में करीब दस करोड़ का कारोबार होता है. इसमे करीब आधा दर्जन थोक विक्रेता हैं तो करीब पांच सौ खुदरा विक्रेता. अधिकांश पान दुकानदार भी अब शीतल पेय बेचने लगे हैं. इसमे ना तो समय सीमा के अंदर शीतल पेय बेचने की जानकारी होती है और ना ही उपभोक्ता ही समयावधि देखते हैं.
छापेमारी में मिला एक्सपायरी बोतल
शनिवार की देर शाम खाद्य संरक्षण पदाधिकारी अजय कुमार ने शहर के कुछ दुकानों पर छापेमारी की. इस दौरान दो छोटे दुकान पर ही सोलह बोतल एक्सपायरी शीतल पेय बरामद किया गया. तत्काल ही पदाधिकारी ने बोतल से शीतल पेय को नष्ट कर दिया. वहीं दुकानदार छापेमारी होते देख भाग गया. खाद्य संरक्षण पदाधिकारी ने बताया है कि अब यदि दुकानदार को एक्सपायरी शीलत पेय बेचते पकड़ा गया तो उसका सेंपल लेकर लैब में जांच को भेजा जायेगा एवं दुकानदार पर जांच प्रतिवेदन आने के बाद कानूनी कार्रवाइ की जायेगी.
बिना निबंधन के चलती है दुकान
शहर में चलने वाले अधिकतर दुकान गैर निबंधित है. वाणिज्य कर विभाग से मिली जानकारी के अनुसार मधुबनी मुख्यालय में मात्र 7400 के करीब दुकान ही निबंधित है. जबकि केवल शहर में ही दस हजार से अधिक दुकान हैं. इनमें से करीब पांच सौ से अधिक दुकानों में शीतल पेय खुदरा कीमत पर बेचा जाता है.
शीतल पेय का एक्सपायरी समय
पेय समय सीमा
200 एमएल छह माह
500 एमएल (पेट जार ) दो माह 15 दिन
600 एमएल (पेट जार ) दो माह 15 दिन
750 एमएल (पेट जार ) दो माह 15 दिन
1 लीटर (पेट जार ) तीन माह
1.25 लीटर (पेट जार ) तीन माह
1.5 लीटर (पेट जार ) तीन माह
1.75 लीटर (पेट जार ) तीन माह
2 लीटर (पेट जार ) तीन माह
2.25 लीटर (पेट जार ) तीन माह
हालांकि कुछ शीतल पेय की एक्सपायरी समय सीमा छह माह भी है.
हो सकती है कई बीमारी
एक्सपायरी शीतल पेय पीने से कई प्रकार की बीमारी हो सकती है. सीएस डाॅ अमरनाथ झा बताते हैं कि जिस प्रकार एस्सपायरी दवा खतरनाक होता है उसी प्रकार एक्सपायरी शीतल पेय व अन्य खाद्य पदार्थ भी शरीर के लिए हानिकारक होता है. अल्कोहल की कुछ मात्रा रहने के कारण एक्सपायर होने के बाद यह खतरनाक हो सकता है. इससे पेट की बीमारी, गले में परेशानी, दांत की परेशानी, चमरे की परेशानी सहित अन्य कई प्रकार की परेशानी हो सकती है. लोगों को शीतल पेय पीने से पहले उसकी एक्सपायरी तिथि जरूर देखना चाहिए.
जानकारी के अभाव में धड़ल्ले से पी रहे लोग
खाद्य संरक्षण अधिकारी ने कहा, होगी कार्रवाई
