40 दिन में एक बच्चे का भी इलाज नहीं

शो पीस बनकर रह गयी नवजात केयर यूनिट मात्र छह घंटे ही खुली रहती है यूनिट मधुबनी : सदर अस्पताल में हाल ही में स्थापित विशेष नवजात केयर यूनिट अब तक महज एक शो पीस के रूप में ही सामने रहा है. पिछले 40 दिनों में इसमें एक भी नवजात की जांच नहीं हो सकी […]

शो पीस बनकर रह गयी नवजात केयर यूनिट

मात्र छह घंटे ही खुली रहती है यूनिट
मधुबनी : सदर अस्पताल में हाल ही में स्थापित विशेष नवजात केयर यूनिट अब तक महज एक शो पीस के रूप में ही सामने रहा है. पिछले 40 दिनों में इसमें एक भी नवजात की जांच नहीं हो सकी है. सदर अस्पताल में विशेष नवजात केयर इकाई की 29 जून को जिलाधिकारी गिरिवरदयाल सिंह ने उद्घाटन किया गया था.
व्यवस्था अच्छी नहीं : लाखों रुपये की लागत से विशेष सघन बेबी केयर यूनिट को तैयार किया गया. जिसमें 13 रेडीयेंट बारमर बेड लगाया गया है. जिसकी कीमत लगभग सात लाखों रुपये है.
इसके अलावा इस यूनिट के लिए सात ए ग्रेड स्टॉफ नर्स की प्रतिनियुक्ति की गयी. वहीं तीन चिकित्सकों की भी प्रतिनियुक्ति हुई. जबकि वर्तमान में महज एक ए ग्रेड नर्स ही इस यूनिट में तैनात है. वहीं एक चिकित्सक ओपीडी में ड्यूटी के बाद एक घंटे के लिए इस यूनिट में अपना समय देते है.विशेष नवजात केयर इकाई को 24 घंटे खुला रखने का प्रावधान है. पर यह नहीं हो पा रहा है.
क्या कहते हैं प्रभारी: एसएनसीयू के प्रभारी कुमारी दीपमाला बताती है कि इस विशेष इकाई में अब तक एक भी बच्चे का उपचार नहीं हो पाया है. यहां प्रतिनियुक्त व चिकित्सक की तैनाती अब तक नहीं हो पायी है. लिहाजा 24 घंटे खुलने वाली यह इकाई महज 6 घंटे ही खुल पाती है. इसके अलावा फेंटवाइन ग्रुप की दवा की भी उपलब्धता नहीं है.
होनी है विशेष ट्रेनिंग : सिविल सर्जन डाॅ अमरनाथ झा बताते हैं, कि विशेष नवजात केयर यूनिट में प्रतिनियुक्त चिकित्सक व कर्मियों का विशेष ट्रेनिंग होना है, जो अभी तक नहीं हुआ है. लिहाजा इस विशेष इकाई में उपचार नहीं हो पा रहा है.

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