जिले के मरीजों को मिलेगी राहत

मधुबनीः जिले के सभी प्रखंडों में चयनित अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य प्रखंडों में लगाये जायेंगे. यहां मरीजों को 24 घंटे स्वास्थ्य सेवा उपलब्ध कराने के लिये एक एमबीबीएस डॉक्टर, एक ए ग्रेड नर्स और तीन एएनएम की पोस्टिंग की जायेगी. रहिका के चौरी, पंडौल के सरिसवपाही, बाबूबरही के बरहारा, कलुआही के मलमल, अंधराठाढ़ी के महरैल, बिस्फी […]

मधुबनीः जिले के सभी प्रखंडों में चयनित अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य प्रखंडों में लगाये जायेंगे. यहां मरीजों को 24 घंटे स्वास्थ्य सेवा उपलब्ध कराने के लिये एक एमबीबीएस डॉक्टर, एक ए ग्रेड नर्स और तीन एएनएम की पोस्टिंग की जायेगी. रहिका के चौरी, पंडौल के सरिसवपाही, बाबूबरही के बरहारा, कलुआही के मलमल, अंधराठाढ़ी के महरैल, बिस्फी के सिमरी, बासोपट्टी के छतौनी, हरलाखी के गंगौर, फुलपरास के सुगापट्टी, लौकही के महादेवमठ, जयनगर के कोरहिया, लदनियां के निर्जापुर अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में 24 घंटे मरीजों को उपरोक्त स्वास्थ्य सेवा मिलेगी.

झंझारपुर के अड़रियासंग्राम और बेनीपट्टी के शिवनगर अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर भी यह सुविधा शुरू की जायेगी. अड़रियासंग्राम और शिवनगर अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में इन सुविधाओं के अलावे मरीजों की जांच के लिये पैथोलॉजी कक्ष और एक्सरे और अल्ट्रासाउंड के लिये रेडियोलॉजी कक्ष भी स्थापित किये जायेंगे.

कुल 21 अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर एमबीबीएस डॉक्टर, ए ग्रेड नर्स और एएनएम रहेंगी. यह सेवा जनवरी 2014 से ही शुरू होनी है. इस संबंध में सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारियों को निर्देश जारी किया जा चुका है. वहीं एक अन्य निर्णय में जिले के सरकारी अस्पतालों में साउंडलेश जेनेरेटर लगाने की प्रक्रिया शुरू हो गयी है. सदर अस्पताल में 50 केवीए का, अनुमंडल अस्पताल झंझारपुर में 40 केवीए का, रेफरल अस्पताल फुलपरास में 20 केवीए का, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में 15 केवीए का और 21 अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में 10 केवीए का साउंडलेश जेनेरेटर को हर हाल में जेनरेटर रूम में ही रखा जायेगा. तीसरा महत्वपूर्ण निर्णय जो स्वास्थ्य समिति ने लिया है वह है सदर अस्पताल में डायलिसिस मशीन लगाने का. अगर स्वास्थ्य समिति डायलिसिस मशीन सदर अस्पताल में इंस्टाल करने में सफल हो गई तो यह स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में सर्वाधिक उल्लेखनीय सफलता मानी जायेगी. क्योंकि डायलिसिस की सेवा मधुबनी, दरभंगा और समस्तीपुर के सरकारी अस्पतालों में उपलब्ध नहीं है.

सदर अस्पताल मधुबनी में डायलिसिस मशीन के लिये कमरा भी उपलब्ध है. मरीजों के लिये दस बेड की जगह भी उपलब्ध है. यह गरीब मरीजों के लिये वरदान साबित होगा. पर अहम सवाल है कि क्या समिति इसमें सफल हो पायेगी. जवाब आने वाला समय ही देगा. बहरहाल इन तीनों घोषणाओं से मरीजों में खुशी की लहर है. खासकर 21 अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में एमबीबीएस डॉक्टर, ए ग्रेड नर्स, एएनएम और मरीजों के लिये छह बेड लगाये जाने की घोषणा से भी ग्रामीण क्षेत्र में हर्ष का माहौल है. पर क्या घोषणा के अनुसार ये सभी 21 अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र जनवरी माह 2014 से मरीजों को 24 घंटे इलाज की सुविधा दे पायेंगे. इसका जवाब ग्रामीण क्षेत्र के ही मरीज देंगे.

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