मधुबनीः सामाजिक संगठनों की एक बैठक खादी भंडार परिसर में शनिवार को हुई. इसमें सूचना के अधिकार को लेकर जागरूकता कार्यक्रम चलाने का निर्णय लिया गया.
आइपीएम, पीसी ट्रस्ट, जनाधिकार फोरम, बरकत इंडिया, डब्लूजे यूनियन व मिथिला मूवमेंट अगेंस्ट करप्सन के प्रतिनिधियों ने इस बैठक में अपने विचार रखे. इस दौरान विभिन्न क्षेत्रों में आरटीआइ कार्यकर्ताओं की हो रही प्रताड़ना, समय पर सूचना नहीं दिये जाने, राज्य सूचना आयोग में सुनवाई में हो रहे विलंब व जानकारी उपलब्ध कराने के लिए मनमाने तरीके से मांग की जा रही राशि पर व्यापक चर्चा की गयी. इसमें शिक्षा विभाग, कृषि विभाग, ग्रामीण विकास विभाग, भवन निर्माण विभाग,पथ निर्माण विभाग व आरइओ विभाग मुख्य रूप से शामिल हैं.
इन संगठनों द्वारा बनाये गये संयुक्त फोरम के संयोजक अभिलाषा कुमारी ने बताया कि हाल के दिनों में शिक्षा विभाग में कार्यकर्ताओं ने जितने भी आवेदन दिये हैं उन सभी में प्रति की बिना चर्चा किये मनमाने तरीके से राशि की मांग की जा रही है. उन्होंने बताया कि आचार संहिता की समाप्ति के बाद प्रताड़ना व कानून की अनदेखी के मामले को लेकर एक प्रतिनिधि मंडल बनाया जायेगा. जो समस्याओं को समेकित रूप से डीएम व एसपी को अवगत कराने का काम करेगा. इस दौरान सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि हर वर्ष बेहतर करने वाले लोक सूचना पदाधिकारी को सम्मानित करने का काम फोरम के द्वारा किया जायेगा. इसके तहत प्रशस्ति पत्र व अन्य सम्मान प्रदान की जायेगी जिसका निर्णय बाद में लिया जायेगा. बैठक में आर नेहाल, इनामुर्र रहमान, संगीता पाठक, सीके झा, जाह्न्वी, सोहन राम, अंजारूल हक, शबनम खातून आदि ने अपने विचार रखे.
