मधुबनी : बिजली विभाग द्वारा स्पॉट बिलिंग और समय से मीटर रीडिंग का भले ही लाख दावा किया जाता हो. पर कर्मियों की कमी के कारण यह धरातल पर नहीं उतर पा रहा है. आलम यह है कि मीटर रीडिंग करने वाले एक कर्मी के जिम्मे पंद्रह सौ से अधिक उपभोक्ताओं की जिम्मेदारी है. जानकारी के अनुसार मीटर रीडिंग के लिए आइकिया कंपनी को ठेका दिया गया है. आइकिया कंपनी द्वारा शहरी क्षेत्र में मीटर रीडिंग करवाया जाता है और उसी आधार पर उपभोक्ता का विपत्र भी बनता है. लेकिन कंपनी द्वारा उपभोक्ता के संख्या के अनुसार मीटर रीडिंग नहीं रहने के कारण शहरी क्षेत्र में सभी उपभोक्ताओं का मीटर का रीडिंग नहीं हो पाता है.
नहीं हो रहा समय पर मीटर रीडिंग
मधुबनी : बिजली विभाग द्वारा स्पॉट बिलिंग और समय से मीटर रीडिंग का भले ही लाख दावा किया जाता हो. पर कर्मियों की कमी के कारण यह धरातल पर नहीं उतर पा रहा है. आलम यह है कि मीटर रीडिंग करने वाले एक कर्मी के जिम्मे पंद्रह सौ से अधिक उपभोक्ताओं की जिम्मेदारी है. जानकारी […]

18 हजार उपभोक्ता पर 11 मीटर रीडर. मधुबनी सब डिवीजन के अंतर्गत कुल 18 हजार 500 उपभोक्ता हैं. जिनका मीटर रीडिंग के लिए विभाग ने आइकिया कंपनी को ठेका दे रखा है. कंपनी द्वारा शहरी क्षेत्र में सिर्फ 11 मीटर रीडर को रखा गया है. प्रत्येक मीटर रीडर के जिम्मे 1636 उपभोक्ता होने के कारण मीटर रीडर समय पर सभी उपभोक्ता का रीडिंग नहीं कर पाते है. जिस कारण बिजली विभाग को प्रत्येक माह विभाग को राजस्व का हानि हो रही है.
कम दे रहे राशि . वहीं आइकिया कंपनी को बिजली विभाग द्वारा एक मीटर रीडिंग के लिये 6 रुपये 80 पैसा का भुगतान किया जाता है. पर कंपनी मीटर रीडर को सिर्फ 4 रुपये प्रति मीटर रीडिंग के दर से भुगतान करता है. मीटर रीड करने वालों का कहना था कि इतने कम रकम में अपना पेट भरना तो मुश्किल है परिवार का भरण पोषण कैसे होगा.
18 हजार उपभोक्ताओं के मीटर का रीडिंग करने के लिए हैं 11 रीडर
कम पैसे देती है फ्रेंचाइजी
विभाग द्वारा 6 रुपये 80 पैसा दिया जाता है. लेकिन फ्रेंचाइजी सिर्फ चार रुपये ही देता है इस बात की तहकीकात की जायेगी. मीटर रीडर को प्रति मीटर रीड पर कम से कम 5 रुपये मिले ऐसी व्यवस्था करेंगे.
इकवाल अंजुम, राजस्व पदाधिकारी