वाहन मालिक को पुलिस लेगी रिमांड पर

मधुबनी : बड़ा बाजार में बीते साल 2016 के 28 दिसंबर की रात ज्वेलरी कारीगर भगवान जाधव के घर में डाकेजनी की घटना में जिस चार पहिया वाहन का उपयोग किया गया था,उस वाहन के मालिक संजीव गिरि नामक युवक को पुलिस रिमांड पर लेगी. अदालत ने पुलिस के आवेदन को स्वीकार कर लिया है. […]

मधुबनी : बड़ा बाजार में बीते साल 2016 के 28 दिसंबर की रात ज्वेलरी कारीगर भगवान जाधव के घर में डाकेजनी की घटना में जिस चार पहिया वाहन का उपयोग किया गया था,उस वाहन के मालिक संजीव गिरि नामक युवक को पुलिस रिमांड पर लेगी. अदालत ने पुलिस के आवेदन को स्वीकार कर लिया है.

संभावना जतायी जा रही है कि गुरुवार को पुलिस संजीव गिरि नामक युवक को रिमांड पर ले सकेगी. संजीव गिरि को रिमांड पर लेकर पुलिस द्वारा पूछताछ होने से डाकाकांड मामले का पूरे तौर पर खुलासा होने की संभावना जतायी जा रही है. मालूम हो कि संजीव गिरि बीते 30 नवंबर को ही न्यायालय में आत्मसमर्पण किया है. पुलिस के अनुसार डाका कांड में जिस गाड़ी का उपयोग किया गया था वह संजीव गिरी नामक युवक का ही था. इसी गाड़ी से डाकाकांड में शामिल अपराधी डाका डालने आये थे और डाकेजनी की घटना को अंजाम देकर भाग निकले थे. जानकारी के अनुसार संजीव गिरि सिविल गंज छपरा का रहने वाला है. डाका कांड में अपने साथियों के साथ यह अपनी गाड़ी मारुति सुजूकी के साथ आया था.

पप्पू यादव को भी रिमांड पर लेने की तैयारी. इस डाका कांड को अंतरराज्यीय गिरोह के सदस्यों ने अंजाम दिया था. डाका कांड में दुर्गापुर के पप्पू यादव,शेखपुरा के दयानंद विंद, पप्पू सिंह दानापुर, गोपाल पासवान दुर्गापुर पश्चिम बंगाल, एक नाथ पवार एवं सूरज चौहान सांगली महाराष्ट्र का रहने वाला है.

इसमें सूरज चौहान, एकनाथ पवार, पप्पू सिंह व दयानंद विंद, को पुलिस ने पहले ही इस डाका कांड में गिरफ्तार कर लिया है. पुलिस दुर्गापुर पश्चिम बंगाल के जेल में बंद पप्पू यादव को भी रिमांड पर लेने की तैयारी में है. नगर थानाध्यक्ष अरुण कुमार राय ने बताया है कि पुलिस इस डाका कांड के खुलासा के बहुत ही करीब है.

क्या है मामला. नगर थाना क्षेत्र के बड़ा बाजार राउत पट्टी में बीते साल 2016 के 28 दिसंबर की रात करीब आधे दर्जन की संख्या में आए अपराधियों ने भगवान जाधव घर में लूट पाट किया था.

इस दौरान अपराधियों ने भगवान यादव की पत्नी, 10 साल के बेटे समेत दो अन्य सहयोगियों के हाथ पैर बांध दिये और आलामारी में रखे तीस हजार नकदी सहित करीब 10 लाख रुपये मूल्य के गहने लूट लिये थे. लूटपाट की यह घटना रात में लगभग ढाई बजे हुई थी. घटना के बाबत कामगार सुजीत ने बताया था कि रात में अचानक घर में आधा दर्जन अपराधी प्रवेश कर गये. घर के सभी सदस्य एक ही घर में सोये हुए थे.

अपराधियों ने गृह स्वामी के 10 साल के बेटे के गले पर चाकू रख कर सभी को चुप रहने को कहा. फिर गृहस्वामी की पत्नी जयश्री यादव, पुत्र पुष्पम कुमार, सहयोगी सुजीत कुमार एवं एकनाथ पवार के हाथ पांव बांध दिया. डकैतों ने गोदरेज की चाभी मांगी और आलामारी को खोलकर उसमें रखे तीस हजार नकदी सहित करीब 10 लाख रुपये मूल्य के जेवर व गलाया हुआ सोना लेकर चले गए.

सोना गलाने का है काम. स्थानीय लोगों ने बताया कि भगवान जाधव व उसका परिवार के सदस्य स्थानीय सर्राफा व्यवसायी से गहना लेकर उसे गलाने का कार्य करते हैं. लगभग 30-35 वर्षों से उनका परिवार मधुबनी में महाराष्ट्र के सांगली गांव से आकर बस गया था.

यहीं उसके साथ उसके गांव के ही सुजीत कुमार, एकनाथ पवार एवं सूरज चौहान उनके सहयोगी के रूप में कार्य करते थे. गृहस्वामी भगवान यादव घटना के दिन अपने पैतृक आवास महाराष्ट्र के सांगली गांव गये हुए हैं. इस मामले में भगवान यादव की पत्नी जयश्री यादव के बयान पर प्राथमिकी दर्ज करायी गयी थी.

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