बिना अल्ट्रासांउड कराये ही मरीज को लौटना पड़ा वापस

हड़ताल. मरीजों की बढ़ी परेशानी, सदर अस्पताल में किया गया इलाज मधुबनी : पंडौल की आशा कार्यकर्ता आशा देवी मंगलवार को अपने मरीज को लेकर सदर अस्पताल के अल्ट्रासाउंड विभाग में जांच के लिए आयी थी. आशा द्वारा लायी गयी मरीज गर्भवती थी. उसे चिकित्सक ने ही अल्ट्रासाउंड कराने के लिये कहा था. लेकिन मरीज […]

By Prabhat Khabar Digital Desk |

हड़ताल. मरीजों की बढ़ी परेशानी, सदर अस्पताल में किया गया इलाज

मधुबनी : पंडौल की आशा कार्यकर्ता आशा देवी मंगलवार को अपने मरीज को लेकर सदर अस्पताल के अल्ट्रासाउंड विभाग में जांच के लिए आयी थी. आशा द्वारा लायी गयी मरीज गर्भवती थी. उसे चिकित्सक ने ही अल्ट्रासाउंड कराने के लिये कहा था. लेकिन मरीज का जांच यह कहकर नहीं हुआ कि कर्मी हड़ताल पर है. जिसके कारण उन्हें बगैर अल्ट्रा साउंड जांच कराये ही वापस जाना पड़ा.
बेनीपट्टी अनुमंडल क्षेत्र के एरूआ निवासी आशा कार्यकर्ता सीमा देवी ने बताया कि जन्म प्रमाण पत्र के लिए आयी थी, हड़ताल के कारण जन्म प्रमाण पत्र नहीं मिल पाया. पिलखवार की आशा कार्यकर्ता वीणा झा ने भी बताया कि जन्म प्रमाण पत्र हड़ताल के कारण नहीं मिल पाया.
वहीं बेनीपट्टी एरूआ निवासी आशा कार्यकर्ता उषा कुमारी ने बताया कि जननी वाल सुरक्षा योजना के तहत मिलने वाली प्रोत्साहन राशि का चेक लेने मंगलवार को सदर अस्पताल पहुंची.
हड़ताल के कारण चेक नहीं मिल पाया. यह बानगी केवल इन चार मरीजों का ही नहीं है, ऐसे कई विभागों में हड़ताल के कारण बिना दवा व बिना जांच के ही मरीजों को अपने घर वापस लौटना पड़ा. बेनीपट्टी से आयी आशा कार्यकर्ताओं ने बताया कि पैसे के साथ- साथ समय भी गंवानी पड़ी. इसके साथ ही आने जाने में 60 किलो मीटर की दूरी भी तय करनी पड़ी.
ओपीडी नहीं हुआ है बाधित. सदर अस्पताल के ओपीडी में कार्यरत डाटा ऑपरेटर के हड़ताल में शामिल नहीं होने के कारण ओपीडी में आने वाले मरीजों को उपचार व दवा मुहैया आसानी से हो सका. लेकिन ओपीडी स्थित टीवी केंद्र में मरीजों को चिकित्सक द्वारा देखा गया पर उनकी जांच व दवा हड़ताल के कारण नहीं हो सकी.
मांग पूरी होने तक रहेगी हड़ताल. अनिश्चितकालीन हड़ताल के समर्थन में जिले के संविदा कर्मी व चिकित्सकों ने बताया कि सरकार द्वारा संविदा कर्मियों की जब तक सभी सात सूत्री मांग की पूर्ति नहीं की जाती है तब तक हड़ताल जारी रहेगा. सदर अस्पताल परिसर में अनिश्चित कालीन हड़ताल में शामिल संघ के सचिव इसमतुल्लाह ने बताया कि सरकार संविदा कर्मियों के साथ सौतेला व्यवहार कर रही है. अब यह नहीं चलेगा संविदा कर्मियों की मांग को यदि सरकार ससमय पूर्ति नहीं करती है तो संघ द्वारा हड़ताल को और अधिक उग्र रूप दिया जायेगा.
ज्ञात हो कि वर्तमान में जिला स्तर से लेकर प्रखंड स्तर पर सैकड़ों संविदा कर्मी तैनात है. जिसमें आयुष चिकित्सक व आरवीएसके के चिकित्सक, बीसीएम, वीएचएम शामिल है. हालांकि जिला स्वास्थ्य समिति के डीपीएम, डैम व डीसीएम जो संविदारत है हड़ताल में शामिल नहीं है.
क्या है मामला
चार दिसंबर से स्वास्थ्य संविदा कर्मियों द्वारा अपनी सात सूत्री मांगों के समर्थन में अनिश्चित कालीन हड़ताल शुरू किया गया है. जो मंगलवार को दूसरे दिन भी जारी रहा. हड़ताल के प्रथम दिन से ही यक्ष्मा सहित कई अन्य विभागों में जांच व उपचार के लिए आने वाले मरीज व लाभार्थियों को बिना उपचार के ही वापस अपने घर जाना पड़ा. जो सिलसिला मंगलवार को भी जारी रहा.
डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

👤 By Prabhat Khabar Digital Desk

Prabhat Khabar Digital Desk

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >