शहर की 25 फीसदी से अधिक वेपर लाइट बंद

मधुबनी : देर होते ही शहर का अधिकांश भाग अंधेरे में डूब जाता है. ऐसा नहीं कि बिजली नहीं रहती है. पर इसका क्या हो कि वैपर लाइट ही काम नहीं कर रहा. शहर में इन दिनों कई इलाके ऐसे हैं जहां पर एक भी वैपर लाइट नहीं जल रही. आलम यह है कि ऑफिसर […]

मधुबनी : देर होते ही शहर का अधिकांश भाग अंधेरे में डूब जाता है. ऐसा नहीं कि बिजली नहीं रहती है. पर इसका क्या हो कि वैपर लाइट ही काम नहीं कर रहा. शहर में इन दिनों कई इलाके ऐसे हैं जहां पर एक भी वैपर लाइट नहीं जल रही. आलम यह है कि ऑफिसर कॉलोनी में लगे करीब एक वैपर लाइट में से मात्र एक वैपर लाइट जल रही. यह हाल अन्य मुहल्लों का भी है.

अधिकारी के मुहल्ले भी अंधेरे में : आलम यह है कि जिले के अधिकारियों के लिये बने कॉलोनी तक में वैपर लाइट ठीक नहीं है. आफिसर कॉलोनी में रहने वाले भगवान सिंह बताते हैं कि शाम होते ही यह कॉलोनी पूरे तौर पर अंधेरे में डूब जाता है. आस पास गंदगी व जंगल है. बड़ा डरावना हो जाता है. बच्चों को घर से बाहर निकलने में भी डर लगता है. इसी प्रकार प्रेमकांत श्रीवास्तव बताते हैं
कि कई बार नप प्रशासन को इस बात से अवगत कराया गया. पर कोई पहल नहीं हो रही. रात को बाहर निकलने में परेशानी होती है. जबकि राजीव झा बताते हैं कि इस मुहल्ले के खराब वैपर लाइट की जानकारी बिजली विभाग व नप प्रशासन दोनों को है. पर नप प्रशासन, बिजली विभाग दोनों एक दूसरे पर लापरवाही का ठीकरा फोड़ रहा है. लोगों के समस्याओं का निदान नहीं हो रहा.
नप ठीक कराये बल्व : इस बाबत बिजली विभाग के कार्यपालक अभियंता संतोष कुमार ने बताया है कि ऑफिसर कॉलोनी में बिजली चालू है. हर वैपर लाइट तक विभाग के द्वारा लाइन दी जा रही है. अब खराब वैपर लाइट को ठीक कराने की जिम्मेदारी नप प्रशासन की है.
इस बाबत कार्यपालक पदाधिकारी जटाशंकर झा ने बताया है कि इस दिशा में जल्द ही पहल की जायेगी.
शाम होते ही अंधेरे में डूब जाती कॉलोनी
अधिकारी तक को रोशनी उपलब्ध नहीं, आम लोग भी परेशान
ऑफिसर कॉलोनी में मात्र एक वेपर लाइट ही है ठीक

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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