बोर्ड की गलती से दो छात्रों के उम्र में गड़बड़ी

मधवापुर : बिहार बोर्ड द्वारा संचालित मैट्रिक कम्पार्टमेंटल परीक्षा में मात्र दो साल के उम्र वाले छात्र को परीक्षा में उतीर्ण कर दिया जाता है. हालांकि छात्र का वास्तविक उम्र 14 साल हो चुका है. इस प्रकार का हैरत करने वाला मामला सामने आया है. दरअसल बिहार बोर्ड द्वारा संचालित मैट्रिक कंपार्टमेंटल परिणाम और अंक […]

मधवापुर : बिहार बोर्ड द्वारा संचालित मैट्रिक कम्पार्टमेंटल परीक्षा में मात्र दो साल के उम्र वाले छात्र को परीक्षा में उतीर्ण कर दिया जाता है. हालांकि छात्र का वास्तविक उम्र 14 साल हो चुका है. इस प्रकार का हैरत करने वाला मामला सामने आया है. दरअसल बिहार बोर्ड द्वारा संचालित मैट्रिक कंपार्टमेंटल परिणाम और अंक पत्र जो विद्यालय को भेजी गयी है उसमें दर्ज जन्म तिथि के अनुसार मात्र दो वर्ष की उम्र में छात्र ने परीक्षा उत्तीर्ण कर ली है.
जबकि वास्तविक जन्म तिथि कुछ और ही है. यह चमत्कार बिहार बोर्ड की लापरवाही का नतीजा है. जिसका खामियाजा अब उन छात्रों को भुगतना पड़ेगा. प्रखंड मुख्यालय स्थित प्लस टू उच्च विद्यालय के प्रधानाचार्य भवेश झा ने जानकारी देते हुए कहा है कि इस विद्यालय के छात्र विजय कुमार ठाकुर, क्रमांक 1630154 की जन्म तिथि एक फरवरी 2015 अंकित है. जबकि विद्यालय के अभिलेख के अनुसार छात्र की जन्म तिथि 15 फरवरी 2001 अंकित है.
वहीं छात्रा सोनल कुमारी, क्रमांक 1630038 जिसकी जन्म तिथि एक जून 2005 अंकित है. विद्यालय रिकॉर्ड के अनुसार 5 जून 2001 है. यह लापरवाही छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ है. अब, जब तक इस त्रुटी का निराकरण नहीं होगा तब तक वे छात्र नामांकन सहित कई अन्य सुविधा से वंचित रह सकते हैं या फिर कई मौके से उन्हें वंचित होना पड़ेगा.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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