अल्टीमेटम की समय सीमा खत्म, फिर नहीं हटीं दुकानें

अवहेलना. अतिक्रमण हटाने के लिए बार-बार दी जा रही चेतावनी मधुबनी : इसे प्रशासनिक विफलता कहें या फिर अतिक्रमणकारियों की हठधर्मिता, अधिकारियों के आदेश की अनदेखी करने की प्रबृति या फिर और कुछ, पर प्रशासन के बार – बार चेतावनी,अल्टीमेटम दिये जाने के बाद भी शहर मे एक भी दुकानदारों ने अतिक्रमण खाली नहीं किया. […]

अवहेलना. अतिक्रमण हटाने के लिए बार-बार दी जा रही चेतावनी

मधुबनी : इसे प्रशासनिक विफलता कहें या फिर अतिक्रमणकारियों की हठधर्मिता, अधिकारियों के आदेश की अनदेखी करने की प्रबृति या फिर और कुछ, पर प्रशासन के बार – बार चेतावनी,अल्टीमेटम दिये जाने के बाद भी शहर मे एक भी दुकानदारों ने अतिक्रमण खाली नहीं किया. बीते तीन नवंबर को प्रशासन ने दो दिनों का अल्टीमेटम शहर के अतिक्रमणकारियों को देते हुए सड़क किनारे से दुकान को हटाने को कहा था. पर हर बार की तरह इस बार भी शहर में प्रचार प्रसार किया गया, समय समाप्त हो गया. उदाहरण के तौर पर भी किसी दुकानदार ने अपने दुकान को नहीं हटाया.
इन सड़कों पर है अतिक्रमण. शहर के लगभग सभी सड़कों पर अतिक्रमण व फुटपाथी दुकानदारों का बसेरा है. खासकर गिलेशन बाजार, बाटा चौक, महिला कॉलेज रोड, स्टेशन रोड, बस स्टैंड सड़क, गंगा सागर रोड, शंकर चौक, महंथी लाल चौक, बाड़ा बाजार, थाना चौक, कोर्ट, एसडीओ कार्यालय के सामने मुख्य सड़क, कोतवाली चौक, आरके कॉलेज रोड सहित अन्य कई सड़कों पर सड़क के दोनों किनारे अतिक्रमण व फुटपाथी दुकानदारों के कब्जे में है.
फुटकर विक्रेता संघ कर रहा विरोध. शहर की सड़कों से फुटपाथ दुकानदारों को हटाने के विरोध में फुटकर विक्रेता संघ का विरोध उभर रहा है. फुटकर विक्रेता संघ के महासचिव राजेंद्र प्रसाद ने कहा कि फुटकर विक्रेता को सड़क से हटाने के पूर्व सुप्रीम कोर्ट के निर्देश का अनुपालन जिला प्रशासन करें. वह पहले बेंडिंग जोन का निर्माण करें. फुटकर विक्रेताओं को बेंडिंग जोन में जगह प्रदान करें.
नहीं चली जेसीबी
शहर के मुख्य सड़कों के किनारे लगने वाले फुटपाथी दुकानों एवं स्थायी दुकानों के बाहर अतिक्रमण कर सड़क पर लगने वाले दुकानों के कारण लग रहे जाम शहर वासी आक्रांत हैं. इस समस्या को प्रशासन ने भी गंभीर माना. इस जाम से शहर के लोगों को निजात दिलाने के लिए जिला पदाधिकारी शीर्षत कपिल अशोक ने नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी को निर्देश दिया था कि सड़क जाम से मुक्ति दिलाने के लिए अतिक्रमण ड्राईव चलाएं.
इसके तहत बीते 3 नवंबर को शहर में नगर परिषद प्रशासन ने लाउडस्पीकर के माध्यम से यह प्रचार प्रसार कराया कि दो दिनों के अंदर शहर के सड़क को अतिक्रमित करने वाले दुकानदार अपनी दुकानों को समेट लें अन्यथा 5 नवंबर के बाद जेसीबी से बलपूर्वक हटा दिया जायेगा. दुकान को सड़क से नहीं हटाने वाले दुकानदारों पर दंड लगाने के भी ऐलान किया था. पर समय सीमा के समाप्त होने के 48 घंटे बाद भी ना तो सड़क पर लगी दुकानें हटी और ना ही प्रशासन का डंडा चला. मिला जुलाकर नगर परिषद प्रशासन का ऐलान एक बार फिर खोखला साबित हुआ.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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