जीएसटी की मार नहीं आये पटाखे

मधुबनी : दीपावली व छठ पर्व में पटाखा छोड़ने वालों के उत्साह पर इस साल पानी फिर सकता है. यदि आप पिछले साल की तरह ही इस साल भी पटाखा खरीदने या अपने बच्चों को फुलझड़ी देने की सोच रहे हैं, तो आप इस साल जेब में अधिक रकम लेकर आयें. इस साल आपको बाजार […]

मधुबनी : दीपावली व छठ पर्व में पटाखा छोड़ने वालों के उत्साह पर इस साल पानी फिर सकता है. यदि आप पिछले साल की तरह ही इस साल भी पटाखा खरीदने या अपने बच्चों को फुलझड़ी देने की सोच रहे हैं, तो आप इस साल जेब में अधिक रकम लेकर आयें. इस साल आपको बाजार में पटाखा खरीदने के दौरान जीएसटी का झटका लग सकता है. पटाखा पर जीएसटी की ऐसी मार पड़ी है कि कारोबार ही मंदा हो गया है. आलम यह है कि अधिकांश थोक विक्रेता पुराने माल को ही इस साल किसी तरह खपा रहे हैं.

दरअसल बाजार में इस साल पटाखा पर 28 फीसदी जीएसटी लागू हो जाने से अधिकांश पटाखों की कीमत में बेतहाशा बढ़ोतरी हो गयी है. जिसे न तो व्यापारी सहज ही झेल पा रहे हैं और न ही खरीदार. हालांकि इस साल भी पूर्व के सालों की तरह ही बाजार पटाखे की दुकान से सजने लगा है. पर इसमें अधिकांश पटाखे पुराने ही हैं. गांव देहात में छोटे दुकानदार शहर की दुकानों से थोक भाव में पटाखा खरीदने लगे है.

जीएसटी की मार से दुकानदारी प्रभावित : बाजार में बाटा चौक, बड़ी बाजार, शंकर चौक के कई खुदरा विक्रेताओं का कहना है कि इस बार जीएसटी की मार पटाखा उद्योग पर पड़ा है. पटाखा पर 28 प्रतिशत जीएसटी के लागू होने के कारण बाहर से कम माल आ रहा है. पिछले वर्षों के ही बचे अधिकतर पटाखा इस वर्ष मार्केट में चल रहा है. 28 प्रतिशत जीएसटी कर लगने के कारण पटाखा के दामों में भी वृद्धि हुई है.
अलग-अलग कंपनियों के ब्रांड उपलब्ध हैं बाजार में : बाजार में अलग अलग कंपनियों पटाखा के ब्रांड बाजार में उपलब्ध है. इनमें मुर्गा छाप, क्लासिक, गरूड़, सुप्रीम, सोनी, विनायका, श्री साईं, अशोक, बालाजी, वैदीवेल, चिदंबरम, शिवाकाशी सहित कई ब्रांड उपलब्ध है. अलग ब्रांडों के पटाखे की कीमत भी अलग अलग है. ये पटाखें, शिवाकाशी मद्रास, कलकता, दिल्ली एवं महाराष्ट्र से आते है.
चाइनिज पटाखा बाजार से हुआ गायब : इस पर्व बाजार में चाइनिज पटाखा का जलवा नहीं है. पूर्व वर्षो की भांति इस वर्ष चाइनिज पटाखा बाजार से गायब है. देश में ही निर्मित पटाखा की बिक्री हो रही है. हालांकि कुछ दुकानदारों ने बताय कि चाइनिज पटाखा बेचने में खतरा भी अधिक रहता था. क्योंकि उसमें नकली बारूद रहने के कारण कभी कभी दुर्घटना भी हो जाती थी.
आकाशदीप लालटेन पटाखे की मांग बढ़ी : वैसे तो बाजार में कई तरह के पटाखे उपलब्ध है. पर इस वर्ष नए पटाखे के रूप में आकश दीप लालटेन की धूम है. यह पटाखा आसमान में दिये जलाते हुए बहुत उंचा तक जाता है. रोमांटिक फुलझड़ी, पोप भूईं पटका, माचिस पटाखा अनार, चॉकलेट बम, फुलझड़ी, सुप्रीम प्रोटेक्सन, हनुमान बम, मिरचईया, आकाश तारा, चॉकलेट बम, बड़ा फुलझड़ी सहित दर्जनों प्रकार के पटाखा बाजार की शोभा बढ़ा रहा है.
क्या कहते हैं अधिकारी : सामान्य शाखा वरीय उपसमाहर्ता नवीन कुमार ने बताया कि पटाखा दुकानदारों को लाइसेंस के बगैर पटाखा दुकान खोलने की अनुमति नहीं है. ऐसा करने वालों के विरुद्ध पुलिस कारवाई करेगी. वहीं अग्निशमन पदाधिकारी एलके प्रसाद ने कहा कि मुख्यालय के कई दुकानों के निरीक्षण के क्रम में 5 दुकानदार ही लाइसेंसी पाए गए. जबकि अधिकतर दुकानदारों के पास अग्नि सुरक्षा के उपकरण भी नहीं थे. ऐसे दुकानदारों को हिदायत दी गयी है कि अग्नि सुरक्षा के उपाय सहित बालू व पानी का इंतजाम भी दुकानों में रखे. ताकि आयात समय में निरोधात्मक उपाय किया जा सके.

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