पहल. यात्रियों काे प्रवेश द्वार पर कलश व मछली का होगा दर्शन
मधुबनी : रेलवे विभाग ने अवसर दिया तो हमारे मिथिलांचल के कलाकारो ने अपनी मेहनत व हुनर को दीवारों पर उकेरना शुरू कर दिया है. कला के साथ साथ उनका भी नाम देश स्तर पर स्थापित हो, इस उमंग के साथ हर कलाकार जब पूरे मनोयोग से कूची व रंग लेकर स्टेशन की दीवारों पर हाथ चलाना शुरू किया तो एक ही दिन में स्टेशन का रंगत ही बदल गया है.
अब स्टेशन परिसर के हर चप्पे चप्पे पर मिथिला पेंटिंग की कलाकृति लोगों को अपने ओर आकर्षित करने को तैयार है. इस कलाकारी में इस बात का भी ध्यान रखा जा रहा है कि कौन सी पेंटिंग और थीम किस जगह पर दिया जाये. मुख्य द्वार पर कलश व मछली का पेंटिंग किया जा रहा है. यह हर यात्रियों के लिए शुभ कामना का प्रतीक है. वहीं स्टेशन के अन्य भागों में अन्य परंपरागत कलाकृति की जा रही है. रेलवे द्वारा मधुबनी स्टेशन का रंग मिथिला पेंटिंग के संग कार्यक्रम का शुभारंभ के वाद मंगलवार को दूसरे दिन कलाकारों ने अपनी कला का भरपूर प्रदर्शन किया.
92 कलाकार शामिल हैं इस कार्यक्रम में: पूरे स्टेशन को मिथिला पेंटिंग बनाने के लिये लिए 92 कलाकारों का चयन किया गया है. इसके तहत 46 टीम को 46 थीम दिया गया है.
प्रत्येक टीम द्वारा इस कार्यक्रम को एक प्रतियोगिता के रूप में लेकर कला का प्रदर्शन किया जा रहा है. कलाकारों को रेलवे द्वारा दिन से दो बार क्रमश: 11 बजे व 3.30 बजे चाय नाश्ता उपलब्ध कराया जा रहा है. पेंट, ब्रस, कूची व अन्य समान रेलवे द्वारा ही उपलब्ध करायी गयी है.
छह को होगा पुरस्कार वितरित
मिथिला पेंटिंग कलाकारों द्वारा ससमय पेंटिंग कार्य को अमली जामा पहनाया जाता है. तो छह अक्तूबर को इस कार्यक्रम का पुरस्कार समारोह किया जायेगा. रेलवे सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार इस पुरस्कार समारोह में सुलभ इंटर नेशनल के संस्था पर विंदेश्वर पाठक, जीएम रेल सहित कई वरीय पदाधिकारी पुरस्कार समारोह में शिरकत करेंगे. प्रथम, द्वितीय व तृतीय स्थान पर रहने वाले कलाकारों के साथ सभी कलाकारों को पुरस्कार से सम्मानित किया जायेगा. ज्ञात हो कि पूर्व में पेंटिंग कार्यक्रम के लिए तीन दिनों का समय निर्धारित था. लेकिन अब इसे पांच दिनों में पूरा करने का समय दिया गया है. कलाकारों को आवश्यक सहयोग व अन्य संसाधन उपलब्ध कराने के लिए रेलवे के विभिन्न विभागों के कर्मियों को इस कार्य के लिए तैनात किया गया है.
