पकड़े जाने पर होगी कार्रवाई

मधुबनीः सदर अस्पताल के अल्ट्रासाउंड केंद्र पर महिला मरीजों की भीड़ उमड़ने लगी है. यहां सभी मरीजों का नि:शुल्क अल्ट्रा साउंड किया जाता है. अल्ट्रासाउंड जांच सोनोलोजिस्ट डॉ जगदेव मंडल की देख रेख में की जाती है. यहां प्रतिदिन 30 से 40 मरीजों का नि:शुल्क अल्ट्रासाउंड कलर डाप्लर मशीन से किया जाता है. जांच कराने […]

मधुबनीः सदर अस्पताल के अल्ट्रासाउंड केंद्र पर महिला मरीजों की भीड़ उमड़ने लगी है. यहां सभी मरीजों का नि:शुल्क अल्ट्रा साउंड किया जाता है. अल्ट्रासाउंड जांच सोनोलोजिस्ट डॉ जगदेव मंडल की देख रेख में की जाती है.

यहां प्रतिदिन 30 से 40 मरीजों का नि:शुल्क अल्ट्रासाउंड कलर डाप्लर मशीन से किया जाता है. जांच कराने आये मरीजों में 70 प्रतिशत महिलाएं होती है. खासकर गर्भवती महिलाओं की संख्या सर्वाधिक होती है.

सिर्फ सदर अस्पताल के डॉक्टर के प्रेसकिप्सन पर ही अल्ट्रा साउंड जांच होती है. सिर्फ मेडिकल कारणों से या प्रसव के दौरान जटिलता होने पर अल्ट्रा साउंड जांच की जाती है. लीवर, किडनी, स्प्लिन, आंत की बीमारी, पोस्ट्रेट आदि की बीमारी से ग्रसित महिला और पुरुष मरीज भी अल्ट्रा साउंड जांच के लिये आ रहे हैं. काफी संख्या में बच्चों का भी अल्ट्रा साउंड जांच किया जाता है.

सदर अस्पताल के अल्ट्रा साउंड केंद्र में भ्रूण परीक्षण पर पूरी तरह रोक है. पर जानकारों का कहना है कि कुछ निजी अल्ट्रा साउंड जांच केंद्रों पर पीएनडीटी एक्ट का उल्लंघन किया जा रहा है. इन अवैध अल्ट्रा साउंड केंद्रों पर निजी डॉक्टर के प्रेसकिप्सन पर भ्रूण परीक्षण करने का आरोप है. समाजसेवियों का कहना है कि मनमानी रकम लेकर निजी अल्ट्रा साउंड केंद्रों द्वारा यह जानकारी दी जाती है कि गर्म में पल रहा शिशु बेटा है या बेटी. समाजसेवियों ने मांग की है कि पीएनडीटी एक्ट का उल्लंघन करने वाले निजी अल्ट्रा साउंड केंद्रों पर छापामारी कर दोषी के विरूद्ध कार्रवाई की जाय.

जानकारों का कहना है कि सिर्फ निबंधित निजी डॉक्टरों के प्रेसकिप्शन पर ही निजी अल्ट्रासाउंड केंद्रों में जांच होने का प्रावधान है. प्रेसकिप्शन में निजी डॉक्टर का नाम ?और रजिस्ट्रेशन नंबर हर हाल में होना चाहिये. साथ ही निजी डॉक्टरों द्वारा अल्ट्रासाउंड के लिये रेफर किये गये मरीज के संबंध में इस बात की स्पष्ट जानकारी होनी चाहिये कि क्यों अल्ट्रासाउंड कराया जा रहा है. मरीज का नाम, कितने सप्ताह का गर्म है, अंतिम मेंस्ट्रअल पीरियड कब था का उल्लेख होना चाहिए. मरीज का उम्र, पिता या पति का नाम, बीमारी का नाम जिसके कारण अल्ट्रा साउंड जांच जरूरी है सहित कई अन्य जानकारियों का होना जरूरी है.

क्या कहते हैं सिविल सजर्न

नये सिविल सजर्न डॉ ओम प्रकाश प्रसाद ने कहा कि निजी अल्ट्रासाउंड केंद्रों का गोपनीय ढंग से सघन जांच करायी जा रही है. सभी मरीजों के फारमेट की भी पड़ताल की जा रही है. अगर गड़बड़ी की आशंका मिली तो अधिकारियों को कस्टमर बनाकर वैसे निजी अल्ट्रा साउंड केंद्रों पर भेजा जायेगा. नये सिविल सजर्न डा. प्रसाद ने कहा कि जो भी अल्ट्रासाउंड केंद्र पीएनडीटी एक्ट का उल्लंघन करते हुए पाये जायेंगे उनके विरुद्ध संबंधित थाने में प्राथमिकी दर्ज करायी जायेगी. वैसे मामले की भी जांच की जायेगी जिसमें बिना ठोस मेडिकल कारण के मरीज का अल्ट्रा साउंड कराने की आशंका होगी.

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