मधुबनी : जिले में बाढ़ की त्रासदी अब 14 प्रखंडों तक पहुंच गया हैं. इन चौदह प्रखंडों के 201 पंचायत के 470 गांव बाढ़ से प्रभावित हुए हैं. इन 470 प्रभावित गांव के 765168 लोग बाढ़ से पीड़ित हैं. जबकि 73115 पशु भी बाढ़ से प्रभावित हुआ हैं. हालांकि बाढ़ का पानी का जलस्तर धीरे धीरे कम होने लगा हैं.
पर जल जमाव की समस्या अब तक बनी हुई है. बाढ़ से प्रभावित का क्षेत्रफल व कृषि योग्य भूमि का सर्वेक्षण अब तक नहीं हो पाया हैं और ना ही क्षतिग्रस्त कच्चा व पक्का मकान के क्षति का ही आकलन हो पाया है. आपदा विभाग द्वारा जारी किए आकंड़ा के अनुसार बाढ़ में अब तक 12 लोगों की मौत हो चुकी है. तीन पशु के मौत की बात भी सामने आयी है.
रेस्क्यू के काम में नावों की संख्या बढ़ायी गयी. बाढ़ राहत बचाव के लिए 19 वोट कार्यरत हैं. वहीं नाव की संख्या में बढ़ोतरी की गयी है. शुक्रवार को जिले के विभिन्न क्षेत्रों में आई बाढ़ के लिए 120 नाव को लगाया गया था. वहीं शनिवार 17 और नाव को बचाव कार्य में लगाया गया. अब कुल 137 नावं बाढ़ क्षेत्र में रेस्क्यू ऑपरेशन के लिए लगाया गया है.
218 प्रतिशत अधिक हुआ वर्षापात. जिले में आई बाढ़ के मुख्य कारणों में भारी बारिश भी एक प्रमुख कारण हैं. अगस्त माह में जिले के सामान्य वर्षापात 293.9 एमएम हैं. जबकि जिले में 15 अगस्त तक 453.5 औसत वर्षापात दर्ज की गयी हैं. इस प्रकार जिले में 218.2 प्रतिशत अधिक वर्षा हुई हैं.
दरभंगा-जयनगर सड़क बहाल
बाढ़ से क्षतिग्रस्त हुए दरभंगा जयनगर सड़क को मोटरेबुल बना दिया गया है. एनएच के कार्यपालक अभियंता ने जिला आपदा प्रभारी उपेंद्र पंडित को इसकी जानकारी दी कि एनएच 104 पर खेरमा के निकट 9 किलोमीटर फ्लैंक को ठीक कराने का कार्य शुरू कर दिया गया है.
