मधुबनीः सरकार व विभाग के निर्देश के बाद भी जिले के उर्वरक विक्रेता एमएफएमएस नियम का पालन नहीं कर रहे हैं. विभाग के कडे निर्देश के बाद भी अब तक करीब 40 फीसदी उर्वरक विक्रेता ही मोबाइल फर्टिलाइजर मॉनीटरिंग सिस्टम का पालन कर रहे हैं.
ऐसे वितरकों की संख्या काफी कम ही है जो सरकार के निर्देश के अनुसार मोबाइल से अपने दुकान के उर्वरक के उठाव, बिक्री एवं स्टॉक की अद्यतन जानकारी विभाग को दी है. विभाग ऐसे लापरवाह विक्रेताओं को खाद नहीं देने का निर्देश दिया है. जो मोबाइल से फर्टिलाइजर मॉनीटरिंग की जानकारी विभाग को नहीं देते हैं.
जिला कृषि पदाधिकारी के के झा ने सभी उर्वरक के खुदरा एवं थोक विक्रेताओं को निदेशालय के निर्देश का पालन करते हुए एमएफएमएस योजना का अक्षरश: पालन करने का निर्देश दिया है.
क्या है एमएफएमएस
खाद की कालाबाजारी एवं तस्करी को रोकने के लिये सरकार ने मोबाइल फर्टिलाइजर मॉनीटरिंग सिस्टम शुरू की. इस सिस्टम के तहत जिले के सभी थौक एवं खुदरा उर्वरक विकेता को अपने मोबाइल से प्रत्येक सप्ताह अपने दुकान के खाद के स्टॉक की जानकारी विभाग को एसएमएस के द्वारा देना था. इसके तहत कौन सा थोक विक्रेता किस कंपनी का कितनी मात्र में खाद का उठाव करते हैं व किस खुदरा विक्रेता के हाथों कितनी खाद बेचा हैं इसकी जानकारी देना था. इसी प्रकार कौन से खुदरा विक्रेता किस थोक विक्रेता से खाद लिया एवं कितना खाद बेचे हैं इसकी जानकारी प्रत्येक सप्ताह देना है. जिले में अब तक करीब 40 फीसदी विक्रेता ही इस नियम का पालन कर रहे हैं.
इस मामले को लेकर कृषि निदेशालय ने नाराजगी जाहिर की है. साथ ही इसे सख्ती से पालन करने का निर्देश दिया है. एमएफएमएस का पालन नहीं करने वाले खाद विक्रेता का निबंधन जल्द ही समाप्त कर दिया जायेगा. साथ ही इन्हें खाद की आपूर्ति नहीं की जायेगी. जिला कृषि पदाधिकारी के के झा ने जिले के सभी थोक विक्रेता को यह आदेश दिया है कि उन खुदरा विक्रेता को किसी भी सूरत में खाद की आपूर्ति नहीं की जायेगी जो एमएफएमएस का पालन नहीं करते हैं. जिला कृषि पदाधिकारी ने जिले के सभी खुदरा एवं थोक विक्रेता को एमएफएमएस का सख्ती से पालन करने का निर्देश दिया है.
जिले के खुदरा विक्रेता मोबाइल फर्टिलाइजर मॉनीटरिंग सिस्टम का पालन करने में लापरवाही बरत रहे हैं. विभागीय आंकडों के अनुसार जिले के खुदरा विक्रेताओं में से मात्र 10 से 15 फीसदी विक्रेता ही इस नियम का पालन करते हैं. जबकि अधिकांश थौक विक्रेता द्वारा इस नियम का पालन करने की जानकारी विभाग ने दी है.. इस बाबत जिला कृषि पदाधिकारी के के झा ने कहा कि वित्तीय वर्ष 14-15 में इस नियम की अनदेखी करने वाले विक्रेता के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जायेगी. साथ ही ऐसे विक्रेताओं को खाद की आपूर्ति पर रोक लगाने का निर्देश भी दिया गया है.
