मधुबनीः जिला कृषि विभाग एक बार फिर जिले में किसानों के खेत की मिट्टी जांच की कवायद शुरू कर दी है़ जल्द ही हर राजस्व गांव से मिट्टी का नमूना एकत्रित किया जायेगा. मिट्टी की जांच कर उसे ऑन लाइन करते हुए किसानों को मृदा स्वास्थ्य कार्ड उपलब्ध करायी जायेगी. इससे किसानों को यह जानकारी मिल जायेगी कि उनके खेत में किस तत्व की कमी है इसकी जानकारी के बाद किसान अपने खेत में उसी उर्वरक का छिड़काव करेंगे जिनकी आवश्यकता होगी़ इस प्रकार ना सिर्फ किसानों की आर्थिक बचत होगी बल्कि उनके खेत की उर्वरा शक्ति भी बनी रहेगी और फसल की उत्पादकता में भी बढ़ोतरी होगी.
मिलेगा प्रशिक्षण
मिट्टी जांच अभियान में जाने से पूर्व जिले के सभी किसान सलाहकार एवं कृषि समन्वयक को विभाग द्वारा व्यापक रूप से प्रशिक्षण दिया जायेगा़. आगामी सात अप्रैल से नामित जिला नोडल पदाधिकारी की अध्यक्षता में प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित की जायेगी़ इसी दिन कृषि समन्वयक एवं किसान सलाहकार को उनका पंचायत आवंटित भी किया जायेगा़ साथ ही इन्हें मिट्टी जांच के लिये आवश्यक समानों का वितरण भी किया जायेगा.
नौ अप्रैल से अभियान शुरू
आगामी 9 अप्रैल से मिट्टी जांच अभियान शुरू कर दिया जायेगा़ किसान सलाहकार हर राजस्व गांव से आठ आठ नमूना एकत्रित करेंग़े. इसमें तीन ऐसे किसान के खेत से नमूना लिया जायेगा जो अपने खेत में अत्यधिक उर्वरक का उपयोग करते हैं एवं पांच ऐसे किसान के खेत का नमूना लिया जायेगा जो कम मात्रा में रासायनिक खाद का उपयोग करते हैं.
किसान सलाहकार 15 अप्रैल तक मिट्टी का नमूना एकत्रित कर अपने अपने प्रखंड कृषि पदाधिकारी के पास नमूना जमा करेंग़े. इसे बीएओ 16 अप्रैल से 18 अप्रैल तक नमूने का मिलान कर जिला कार्यालय भेज देंगे जिसका प्रयोगशाला में जांच की जायेगी.
क्या कहते हैं अधिकारी
इस बाबत जिला कृषि पदाधिकारी के के झा ने बताया है कि इस अभियान से जिले के किसानों को उनके खेत की रासायनिक तत्वों की जानकारी मिल जायेगी़ इससे किसान आवश्यकता के अनुसार ही अपने खेत में रासायनिक खाद या अन्य उर्वरक का उपयोग करेंगे.
