मधुबनीः जैसे-जैसे शाम ढलती गई लोगों पर देश के प्रसिद्ध हास्य कवि शंकर कैमूरी का जादू सिर चढ.कर बोलने लगा. ठहाकों की गूंज से टाउन क्लब मैदान साल का सबसे यादगार शाम बन गया. हास्य व्यंग्य की फुहार बरसने लगी. श्रोताओं ने जमकर इसका आनंद लिया.
श्री कैमूरी ने जब पत्नी को आयुर्वेदिक व प्रेमिका को एलोपैथी दवा कहा तो बूढे लोग भी अपनी हंसी रोक नहीं पाये युवाओं व युवतियों का तो हंसते हंसते बुरा हाल था. हास्य कवि बोले पत्नी रूपी दवा का असर धीरे धीरे होता है, पर प्रेमिका की दवा का असर तुरंत होता है पर साइड इफेक्ट होता है. कविता के कुलपति कहे जाने वाले हास्य कवि कैमूरी ने सुरक्षा व्यवस्था को हास्य रस के रंग में डुबो दिया. कहा कि एक भिखारी ने उनसे कहा कि भीख से ज्यादा मौत का डर उसे सताता है. उनकी कविता पुजारी को कौन कहे जब मंदिरों में भगवान तक सुरक्षित नहीं है. चलते चलते थक जाता हूं. कहीं खो जाता हूं. क्या यही प्यार है. यही सवाल किसी ने कैमूरी जी से किया. तो उन्होंने झटपट जवाब दिया यह प्यार नहीं कमजोरी का लक्षण है. तालियों की गड.गड.ाहट के बीच लोग प्रभात खबर की इस पहल की जी भरकर सराहना कर रहे थे.
महंगाई, प्यार, मुहब्बत, बाल मजदूरी पर एक से बढ.कर एक कविता उन्होंने प्रस्तुत की. उनकी कविता हर धमाके में सीता की होती है अगिAपरीक्षा ने खूब तालियां बटोरी. कविता की कुलपति कहे जाने वाले शंकर कैमूरी जी ने विराट हास्य कवि सम्मेलन में जो समां बांधा उसे आगे बढ.ाया संध्या तिवारी व प्रेरणा ठाकरे ने. संध्या जी व प्रेरणा ठाकरे ने तो मानो आसमान में अपनी कविताओं व गजलों से पूर्णिमा का चांद निकलने को विवश कर दिया. वक्त ठहर गया. समय की सुधि नहीं रही. श्रोताओं पर बस एक ही जुनून छाया था उनकी कविताओं को सुनने का. हास्य रस के साथ साथ सा माजिक तानेबाने को उन्होंने शब्दों में पिरोया. शब्दों के सम्मोहन का असर श्रोताओं पर जादू की तरह छाया था.
चमन में खिलेंगे फूल तो महकेगी बगिया. जी हां प्रभात खबर द्वारा आयोजित विराट हास्य कवि सम्मेलन में ऐसा समां बंधा की हर तरह हंसी की बौछार हुई. लगभग 4 साढ.े घंटे तक खुशी व गम के संगम में ठहाके साथ खोये लोगों ने जब स्वस्थ नागरिक व मजबूत देश का संकल्प लिया तो सर गर्व से उंचा हो गया. शहादत को याद कर नये और बेहतर भारत निर्माण का यह संकल्प लोगों को अतीत से एकबारगी जोड. दिया. वहीं नव निर्माण में अपनी सहभागिता सुनिश्चित करने की प्रेरणा भर दी. टाउन क्लब फील्ड में सम्मेलन को विराम देते हुए मंचासीन अतिथियों ने यह संकल्प दिलाया तो लोग कह उठे प्रभात खबर केवल खबर ही नहीं देता हमें भावना देता है, ऊर्जा देता है. कुछ करने की तमन्ना पैदा करता है इसके लिए जज्बा देता. मंच पर संत कुमार चौधरी, पूर्व डीजे चंद्र शेखर दास, एसडीएम मिथिलेश मिश्र, नवीन जायसवाल, सियाराम मिश्र, उदय चंद्र झा विनोद, प्राचार्य आरके मंडल, कमलेश झा के साथ कवि राधे श्याम भारती, दिनेश बाबरा, संज्ञा तिवारी, अतुल ज्वाला, डा. प्रेरणा ठाकरे सहित तमाम लोगों ने कवि शंकर कैमूरी के साथ संकल्प कार्यक्रम में हिस्सा लिया.
