मधुबनी, दरभंगा, मुजफ्फरपुर व पटना के करीब 650 सदस्य शामिल
मधुबनी : रक्त दिवस पर हर ओर रक्त देने, जरूरत मंदों को समय पर रक्त देने की बातें होती है. पर इस पर अमल कुछ लोग ही कर पाते हैं. वर्तमान समय में कुछ रूपये पैसे और धन की लालच में जहां भाई भाई का, बेटा बाप का खून बहाने में नहीं हिचकता है, वहीं मधुबनी मुख्यालय में युवाओं का एक पूरा समूह दूसरों को खून देने के लिये तैयार खड़ा है. जैसे ही किसी को खून की जरूरत हुई, ग्रुप के सदस्यों को पता चला वे अपने खर्च पर संबंधित मरीज या उनके परिजन के पास खून देने पहुंच जाते हैं.
मार्च 2016 में एक युवक की कल्पना आज इस कदर साकार हो रहा है कि जिला मुख्यालय सहित दरभंगा, मुजफ्फरपुर, पटना तक के करीब 650 युवाओं का एक पूरा परिवार बन गया है.
ऐसे बना रक्तदाता ग्रुप : यह करीब तीन साल पहले की घटना है. मुख्यालय के मुकेश पंजियार अपने दादा जी को लेकर दरभंगा के एक निजी क्लिनिक में भर्ती थे. वहीं पर इन्होने एक बुजुर्ग को खून नहीं मिल पाने के कारण दम तोड़ते देखा. यह घटना मुकेश के जेहन में इस कदर बैठा कि ये इस समस्या के निदान की ठान ली.
वापस मधुबनी आये तो सूड़ी युवा शक्ति नामक समूह बनाया. जिसका पहला शर्त यह रखा गया कि शामिल होने वाले सदस्य मुफ्त में जरूरतमंदों को खून देना होगा. पर इसमें एक जाति विशेष का समूह रहने के लिये बाद में कुछ विरोध भी होने लगा तो जाति का वंधन हटा दिया गया और ग्रुप भी करीब करीब समाप्त हो गया. फिर मार्च 2016 में रक्तदाता ग्रुप बनाया गया. जिसमे मधुबनी, दरभंगा, पटना, मुजफ्फरपुर, गया, चंडीगढ,दिल्ली सहित अन्य प्रदेशों के करीब 650 लोग शामिल हो चुके हैं.
ऐसे पहुंचते हैं जरूरतमंदों के पास
रक्तदाता ग्रुप के सदस्यों ने अपना एक वेबसाइट बना लिया है. www.raktdata.com नामक ग्रुप पर सभी सदस्यों का ब्लड ग्रुप, नाम, फोन नंबर दिया हुआ है. जब किसी जरूरतमंदों को खून की जरूरत होती है तो वे इस वेवसाइट पर आवश्यक ब्लड ग्रुप सर्च करते है. फिर उस संबंधित सदस्य के दिये गये मोबाईल नंबर पर फोन करते हैं तो तत्काल ही सदस्य फोन को अटैंट कर आवश्यक व्यक्ति के पास पहुंच जाते हैं. इसमें ये किसी प्रकार का कोइ खर्च तक नहीं लेते. जरूरतमंदों को खून दिया, वापस अपने घर.
