Madhepura Education Order: मधेपुरा. जिले के सरकारी विद्यालयों में पठन-पाठन व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए जिला शिक्षा पदाधिकारी ने शिक्षकों की कार्यालयों में अनावश्यक मौजूदगी पर सख्ती दिखाई है. डीईओ संजय कुमार ने आदेश जारी कर कहा है कि विद्यालय संचालन अवधि में शिक्षक-शिक्षिकाएं जिला शिक्षा कार्यालय परिसर में अनावश्यक रूप से उपस्थित नहीं रहेंगे.
पठन-पाठन प्रभावित होने का दिया हवाला
जिला शिक्षा पदाधिकारी की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि विद्यालय संचालन अवधि में शिक्षकों के कार्यालयों में अनावश्यक रूप से बैठे रहने से विद्यालयों में पठन-पाठन प्रभावित होता है. इसलिए प्रधानाध्यापक, प्रभारी प्रधानाध्यापक और शिक्षकों को विद्यालय अवधि में अपने विद्यालय में मौजूद रहकर शैक्षणिक कार्यों का संचालन सुनिश्चित करना होगा.
समस्या होने पर स्कूल के बाद दें आवेदन
आदेश में कहा गया है कि किसी शिक्षक या प्रधानाध्यापक को किसी प्रकार की समस्या या विभागीय कार्य से संबंधित शिकायत है तो विद्यालय अवधि समाप्त होने के बाद संबंधित प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी कार्यालय में अपना अभ्यावेदन जमा करें. प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी अपने स्तर से मामले का समाधान करेंगे.
जटिल मामलों को डीपीओ के पास भेजा जाएगा
यदि किसी शिक्षक की समस्या का समाधान प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी के स्तर से संभव नहीं होगा तो संबंधित आवेदन जिला कार्यक्रम पदाधिकारी को उपलब्ध कराया जाएगा. इस प्रक्रिया के जरिए शिक्षकों की समस्याओं के समाधान के साथ विद्यालयों में नियमित पठन-पाठन भी प्रभावित नहीं होने देने का प्रयास किया गया है.
विशेष परिस्थिति में लेनी होगी अनुमति
डीईओ ने स्पष्ट किया है कि यदि किसी विशेष परिस्थिति में विद्यालय अवधि के दौरान शिक्षक का कार्यालय आना आवश्यक हो तो संबंधित प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी से विधिवत अनुमति प्राप्त करनी होगी. बिना अनुमति कार्यालय में अनावश्यक रूप से मौजूद रहने पर विभागीय स्तर से कार्रवाई की जा सकती है.
सभी अधिकारियों को अनुपालन का निर्देश
जिला शिक्षा पदाधिकारी संजय कुमार ने जिले के सभी विद्यालयों के प्रधानाध्यापक, प्रभारी प्रधानाध्यापक एवं शिक्षकों को आदेश का सख्ती से अनुपालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है. आदेश की प्रति सभी प्रखंड शिक्षा पदाधिकारियों और जिला कार्यक्रम पदाधिकारियों को भी भेजी गयी है.
पठन-पाठन व्यवस्था सुधारने की कवायद
Madhepura Education Order: डीईओ के इस आदेश के बाद विद्यालय अवधि में शिक्षकों की कार्यालयों में अनावश्यक मौजूदगी पर रोक लगने से स्कूलों में शिक्षकों की उपलब्धता बढ़ने और पठन-पाठन व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने की उम्मीद है.
