बीएनएमयू में शिक्षकों की उपस्थिति पर सख्ती, रोज पांच घंटे क्लास अनिवार्य

30 सप्ताह (लगभग 180 कार्य दिवस) तक पूरा करना अनिवार्य है.

– राज्यपाल सचिवालय के निर्देश के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने जारी किया आदेश, 40 घंटे साप्ताहिक कार्यभार लागू- मधेपुरा. भूपेन्द्र नारायण मंडल विश्वविद्यालय (बीएनएमयू) में शिक्षकों की उपस्थिति और कार्यभार को लेकर सख्ती बढ़ा दी गयी है. राज्यपाल के निर्देश के आलोक में विश्वविद्यालय प्रशासन ने सभी विभागाध्यक्षों, पीजी सेंटर सहरसा तथा अंगीभूत व संबद्ध कॉलेजों के प्राचार्यों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए हैं. जारी पत्र के अनुसार अब विश्वविद्यालय एवं कॉलेजों में कार्यरत सभी पूर्णकालिक शिक्षकों के लिए प्रतिदिन न्यूनतम 5 घंटे कक्षा लेना अनिवार्य होगा. साथ ही एक सप्ताह में कम से कम 40 घंटे का कार्यभार सुनिश्चित करना होगा. यह व्यवस्था सेमेस्टर अवधि के दौरान लागू रहेगी. निर्देश में स्पष्ट किया गया है कि यह न्यूनतम कार्यभार साल में कम से कम 30 सप्ताह (लगभग 180 कार्य दिवस) तक पूरा करना अनिवार्य है. साप्ताहिक 40 घंटे का कार्यभार छह कार्य दिवसों में समान रूप से विभाजित किया जाएगा. राज्यपाल सचिवालय द्वारा जारी पत्र में यह भी कहा गया है कि यूजीसी के नियमों के अनुसार यह प्रावधान पहले से लागू हैं और इन्हें सख्ती से पालन कराना आवश्यक है, ताकि विश्वविद्यालयों व कॉलेजों में शैक्षणिक गुणवत्ता सुनिश्चित की जा सके. विश्वविद्यालय प्रशासन ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे अपने-अपने संस्थानों में इन नियमों का अनुपालन सुनिश्चित करें. आदेश के उल्लंघन पर कार्रवाई की भी चेतावनी दी गई है. नये निर्देश के बाद बीएनएमयू और इससे संबद्ध कॉलेजों में शिक्षकों की नियमित उपस्थिति और पढ़ाई की गुणवत्ता पर सीधा असर पड़ने की उम्मीद है.

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By Kumar Ashish

Kumar Ashish is a contributor at Prabhat Khabar.

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