भक्तों के लिए पंडाल, रोशनी, पेयजल व मेडिकल की भी रहेगी व्यवस्था

राजकीय मेला का दर्जा मिलने के बाद यहां पर सरकारी स्तर पर चार दिवसीय पचरासी धाम महोत्सव का आयोजन होने लगा.

पचरासी में चार दिवसीय राजकीय मेला की तैयारी हुई तेजी- प्रतिनिधि, चौसा अंग और कोसी सीमा पर अवस्थित राजकीय लोक देवता बाबा विशु राउत समाधि स्थल पचरासी स्थान में मंगलवार से चार दिवसीय राजकीय महोत्सव शुरू होगा. महोत्सव को लेकर मेला ग्राउंड में बिहार, बंगाल, उत्तर प्रदेश, झारखंड सहित विभिन्न प्रदेशों से खेल तमाशा और महिलाओं से जुड़ी सामग्रियों की दुकान सजने लगी है. जिसमें मौत का कुआं, जादूगर, ड्रैगन ट्रेन, टावर झूला, ब्रेकिंग डांस अन्य दुकानें हैं. पचरासी स्थान के पहले हर साल 14 अप्रैल से दो दिवसीय मेला लगता था. 2018 में राजकीय मेला का दर्जा मिलने के बाद यहां पर सरकारी स्तर पर चार दिवसीय पचरासी धाम महोत्सव का आयोजन होने लगा. इस मेल में बिहार, झारखंड, नेपाल, उत्तर प्रदेश, बंगाल के अलावे कई राज्यों के पशुपालक दुग्धाभिषेक करने पहुंचते हैं. मेला के पहले दिन सोमवार को बैरागन रहने के कारण श्रद्धालुओं की भीड़ अधिक होने की संभावना जताई जा रही है. -पंजियारा के भगैत गायन की रही है प्राचीन परंपरा- मेला में बाहर से आए कलाकारों द्वारा जागरण और तरह-तरह के धार्मिक कार्यक्रम होते हैं. अंतरराज्य स्तर पर आने वाले पंजियारों की ओर से भगैत गायन की परंपरा सदियों से चली आ रही है. मेला के दिन शहीद योगेंद्र सिंह तूफान की स्मृति में कुश्ती प्रतियोगिता भी करायी जाती है. बाबा विशु राउत के मुख्य प्रसाद गांजा और बताशा की बड़ी-बड़ी दुकानें सज गई है. पशुओं से जुड़ी दुकानें भी सजने लगी है. वहीं पदाधिकारियों का लगातार दौरा भी किया जा रहा है एवं आवश्यक दिशा निर्देश भी दिए जा रहे हैं.

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Author: Kumar Ashish

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