Madhepura Panchayat Sahyog Camp: मधेपुरा में सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगाने की परेशानी से ग्रामीणों को राहत देने के उद्देश्य से मधेपुरा जिले की पंचायतों में मंगलवार को सहयोग शिविर लगाया गया. इस दौरान कई पंचायतों में एक ही जगह पर अलग-अलग विभागों के अधिकारी और कर्मी मौजूद रहे. ग्रामीणों ने पेंशन, आवास, मनरेगा, जमीन, बिजली, पानी, सड़क, शिक्षा और स्वास्थ्य सहित कई समस्याएं अधिकारियों के सामने रखीं.
मधेपुरा प्रखंड के साहूगढ़-एक पंचायत सरकार भवन में आयोजित शिविर में जिलाधिकारी अभिषेक रंजन और पुलिस अधीक्षक संदीप सिंह भी पहुंचे. डीएम ने केवल अधिकारियों से शिकायतों की जानकारी लेने के बजाय स्वयं ग्रामीणों के बीच जाकर उनकी समस्याएं सुनीं. उन्होंने एक-एक मामले की जानकारी ली और संबंधित पदाधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए.
पेंशन से जमीन और बिजली तक, ग्रामीणों ने रखीं अपनी समस्याएं
पंचायत सहयोग शिविर में अलग-अलग विभागों से जुड़ी शिकायतों को लेकर बड़ी संख्या में ग्रामीण पहुंचे. किसी को पेंशन से जुड़ी समस्या थी तो किसी को आवास योजना का लाभ नहीं मिलने की शिकायत थी. कई लोगों ने मनरेगा, भूमि विवाद, दाखिल-खारिज और सीमांकन से जुड़े मामले भी अधिकारियों के सामने रखे.
इसके अलावा जाति, आय और निवास प्रमाण-पत्र, बिजली, पानी, सड़क, शिक्षा और स्वास्थ्य से संबंधित समस्याओं पर भी सुनवाई हुई. ग्रामीणों को एक ही स्थान पर संबंधित विभाग के अधिकारियों तक अपनी बात पहुंचाने का मौका मिला.
शिविर में मौजूद अधिकारियों को प्राप्त आवेदनों पर जल्द कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया. मौके पर सुनवाई और अधिकारियों की मौजूदगी से शिकायत लेकर पहुंचे लोगों में संतोष भी नजर आया.
कार्यालयों के चक्कर से बचाने की कोशिश
पंचायत सहयोग शिविर की सबसे बड़ी खासियत यही है कि ग्रामीणों को छोटी-बड़ी सरकारी समस्याओं के लिए बार-बार प्रखंड या जिला कार्यालय जाने की जरूरत न पड़े. प्रशासन पंचायत स्तर पर ही अलग-अलग विभागों को एक जगह उपलब्ध करा रहा है.
प्रशासन के अनुसार, 'सबका सम्मान, जीवन आसान' की भावना के साथ प्रत्येक माह के प्रथम मंगलवार को जिले की सभी पंचायतों में पंचायत सहयोग शिविर आयोजित किया जा रहा है. इसका उद्देश्य आम लोगों की समस्याओं का त्वरित, प्रभावी और सम्मानजनक तरीके से समाधान करना है.
इस पहल से खासकर उन ग्रामीणों को राहत मिलने की उम्मीद है, जिन्हें किसी आवेदन या सरकारी योजना से जुड़ी समस्या के लिए दूर स्थित कार्यालयों तक जाने में समय और पैसे दोनों खर्च करने पड़ते हैं.
डीएम ने खुद लोगों के बीच जाकर सुनी फरियाद
साहूगढ़-एक पंचायत सरकार भवन में बड़ी संख्या में ग्रामीणों की मौजूदगी को देखते हुए डीएम अभिषेक रंजन स्वयं लोगों के बीच पहुंचे. उन्होंने ग्रामीणों से उनकी समस्याएं पूछीं और संबंधित मामलों की जानकारी ली.
डीएम ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि प्राप्त शिकायतों को केवल आवेदन लेकर छोड़ने के बजाय नियमानुसार कार्रवाई की जाए और लोगों को समय पर समाधान उपलब्ध कराया जाए. अधिकारियों के स्तर पर दिए गए निर्देश से शिकायतकर्ताओं को उम्मीद जगी कि उनकी समस्या अब केवल कागजों तक सीमित नहीं रहेगी.
पुलिस अधीक्षक संदीप सिंह की मौजूदगी से पुलिस और प्रशासन से जुड़े मामलों को भी ग्रामीणों के सामने रखने का अवसर मिला.
30 दिन के अंदर होगा ऑनलाइन शिकायतों का निष्पादन
प्रशासन ने पंचायत सहयोग शिविर के साथ ऑनलाइन शिकायत की सुविधा भी उपलब्ध करायी है. जिन लोगों को किसी सरकारी सेवा या योजना से संबंधित समस्या है, वे सहयोग पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन शिकायत दर्ज करा सकते हैं.
प्रशासन के अनुसार, सहयोग पोर्टल पर दर्ज शिकायतों का 30 दिनों के अंदर निष्पादन किया जाएगा. इसके अलावा लोग अपनी शिकायत या शिविर से संबंधित जानकारी के लिए निःशुल्क हेल्पलाइन नंबर 1100 पर संपर्क कर सकते हैं. हेल्पलाइन पर सुबह 8 बजे से शाम 8 बजे तक जानकारी ली जा सकती है.
Madhepura Panchayat Sahyog Camp: अब असली चुनौती शिकायतों के समाधान की
पंचायत स्तर पर अधिकारियों की मौजूदगी और मौके पर सुनवाई से ग्रामीणों को तत्काल राहत मिल रही है. लेकिन इस पूरी व्यवस्था की सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि शिविर में प्राप्त आवेदनों पर आगे कितनी तेजी और गंभीरता से कार्रवाई होती है.
प्रशासन ने संबंधित विभागों को शिकायतों के यथाशीघ्र निष्पादन का निर्देश दिया है. ऐसे में अब ग्रामीणों की नजर इस बात पर रहेगी कि मंगलवार को दर्ज की गयी उनकी समस्याओं का समाधान कब तक होता है.
पंचायत सहयोग शिविर की नियमित व्यवस्था अगर शिकायतों के समयबद्ध और वास्तविक समाधान तक पहुंचती है, तो यह ग्रामीणों के लिए सरकारी व्यवस्था तक पहुंच आसान बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल साबित हो सकती है. मौके पर विभिन्न विभागों के पदाधिकारी, कर्मी, जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में नागरिक मौजूद रहे.
