– फसल सहायता योजना के लिए डेटा संग्रह, जन्म-मृत्यु निबंधन और आरटीपीएस व्यवस्था का लिया गया जायजा
मुरलीगंज
प्रखंड के जीतापुर पंचायत में सांख्यिकी विभाग की टीम द्वारा गेहूं फसल कटनी एवं विभिन्न सरकारी सेवाओं का निरीक्षण किया गया. इस दौरान कोसी कमिश्नरी सहरसा के उपनिदेशक सांख्यिकी शशिकांत प्रकाश, जिला सांख्यिकी पदाधिकारी शिवनारायण रावत, सहायक सांख्यिकी पदाधिकारी कृष्णकांत चौधरी तथा किसान सलाहकार नीरज कुमार मौजूद रहे. निरीक्षण के क्रम में पंचायत सरकार भवन के समीप स्थित किसान अशोक रजक के खेत में 10×5 मीटर क्षेत्रफल में गेहूं की कटाई कराई गई. मौके पर उपनिदेशक शशिकांत प्रकाश ने बताया कि इस कटनी प्रक्रिया का मुख्य उद्देश्य पंचायत स्तर पर फसल उत्पादन का औसत आंकलन करना है. प्रत्येक पंचायत में पांच अलग-अलग कटनी स्थलों से प्राप्त आंकड़ों को जोड़कर औसत उत्पादन निकाला जाता है. इसी आधार पर बिहार राज्य फसल सहायता योजना के तहत फसल क्षति की स्थिति में किसानों को मुआवजा दिया जाता है.
उन्होंने बताया कि इस तरह का निरीक्षण किसानों के हित में बेहद महत्वपूर्ण है, क्योंकि इससे वास्तविक उत्पादन का सही आंकड़ा सामने आता है और सहायता राशि के वितरण में पारदर्शिता बनी रहती है.इस दौरान अधिकारियों ने पंचायत सरकार भवन में संचालित जन्म एवं मृत्यु निबंधन इकाई का भी निरीक्षण किया. उन्होंने यह जांच की कि जन्म एवं मृत्यु प्रमाण पत्र समय पर जारी किए जा रहे हैं या नहीं. इस संबंध में स्थानीय ग्रामीणों से बातचीत कर उनकी समस्याओं और सुझावों को भी सुना गया. अधिकारियों द्वारा व्यवस्था को और बेहतर बनाने के लिए आवश्यक सुधारात्मक सुझाव दिये गये. निरीक्षण के क्रम में पंचायत भवन में कार्यरत कर्मियों की स्थिति की भी जानकारी ली गई. बताया गया कि पंचायत सचिव वर्तमान में हड़ताल पर हैं, जबकि पंचायत कार्यपालक सहायक उपस्थित रहकर आवश्यक कार्यों का संचालन कर रहे है. वहीं आरटीपीएस काउंटर पर भी सेवाएं सुचारू रूप से संचालित पायी गयी.
अधिकारियों ने सभी कर्मियों को निर्देश दिया कि आम जनता को समयबद्ध और पारदर्शी सेवाएं उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें, ताकि सरकारी योजनाओं का लाभ सही लोगों तक पहुंच सके.