खिचड़ी खाने के बाद पांच दर्जन बच्चों की तबीयत बिगड़ी, थाली में मरी छिपकली मिलने का दावा

मधेपुरा के उत्क्रमित मध्य विद्यालय दाहा में मध्याह्न भोजन खाने के बाद करीब पांच दर्जन बच्चों की तबीयत अचानक बिगड़ गई. बच्चों ने भोजन में मरी हुई छिपकली मिलने का दावा किया है. घटना के बाद ग्रामीणों ने विरोध प्रदर्शन किया.

Madhepura News: गम्हरिया (मधेपुरा). बभनी पंचायत स्थित उत्क्रमित मध्य विद्यालय दाहा में शनिवार को मध्याह्न भोजन खाने के बाद करीब पांच दर्जन बच्चों की तबीयत अचानक बिगड़ गई. भोजन करने के कुछ देर बाद बच्चों को पेट दर्द और सिर में चक्कर आने की शिकायत होने लगी. एक साथ बड़ी संख्या में बच्चों के बीमार पड़ने की सूचना मिलते ही परिजन उन्हें सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र गम्हरिया लेकर पहुंचे. फिलहाल सभी बच्चों की स्थिति सामान्य बतायी जा रही है.

खिचड़ी खाने के बाद बिगड़ी बच्चों की तबीयत

सीएचसी में इलाज करा रहे श्रीवास्तव कुमार, रूपक कुमार, साक्षी कुमारी, सरस्वती कुमारी, लक्ष्मी कुमारी और अभिमन्यु कुमार समेत अन्य बच्चों ने बताया कि खिचड़ी खाने के बाद ही उनकी तबीयत बिगड़ने लगी. बच्चों का दावा है कि भोजन परोसने के दौरान एक थाली में मरी हुई छिपकली मिली थी.

छिपकली मिलने की जानकारी पर डांटने का आरोप

बच्चों और परिजनों का आरोप है कि भोजन में छिपकली मिलने की जानकारी विद्यालय की प्रभारी प्रधानाध्यापिका और रसोइया को दी गई. आरोप है कि इसके बाद बच्चों को डांटकर चुप रहने को कहा गया. परिजनों के अनुसार बची हुई खिचड़ी को आनन-फानन में फेंक दिया गया और विद्यालय में तत्काल छुट्टी घोषित कर दी गई. इसके बाद शिक्षक स्कूल के मुख्य गेट पर ताला लगाकर चले गये.इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है. भोजन की गुणवत्ता और बच्चों के बीमार पड़ने के वास्तविक कारण की स्थिति जांच रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी.

सीएचसी पहुंचते ही शुरू हुआ इलाज

एक साथ बड़ी संख्या में बच्चों के सीएचसी गम्हरिया पहुंचने से अस्पताल परिसर में भी अफरा-तफरी का माहौल बन गया. चिकित्सकों और स्वास्थ्यकर्मियों ने बच्चों की जांच कर उपचार शुरू किया. स्वास्थ्य विभाग के अनुसार फिलहाल सभी बच्चों की स्थिति सामान्य है और वे खतरे से बाहर हैं.

ग्रामीणों ने सड़क जाम कर जताया विरोध

घटना से आक्रोशित ग्रामीणों और अभिभावकों ने विद्यालय की व्यवस्था के खिलाफ बैजनाथपुर-लिटियाही मुख्य पथ को कुछ देर के लिए जाम कर प्रदर्शन किया. परिजनों ने मध्याह्न भोजन की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल उठाते हुए मामले की जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की.

प्रधानाध्यापिका ने कहा, घर जाने के बाद हुई परेशानी

विद्यालय की प्रभारी प्रधानाध्यापिका किरण कुमारी ने बताया कि शनिवार दोपहर बच्चों को खिचड़ी परोसी गई थी. भोजन करने के बाद बच्चे अपने-अपने घर चले गए थे. घर पहुंचने के बाद कुछ बच्चों ने पेट दर्द और चक्कर आने की शिकायत की.

डीपीओ ने जांच के बाद कार्रवाई का दिया भरोसा

मामले की गंभीरता को देखते हुए डीपीओ रवि शास्त्री ने कहा कि सभी बच्चों का इलाज कराया गया है और उनकी स्थिति अब सामान्य है. उन्होंने कहा कि पूरे मामले की गहन जांच कराई जाएगी. जांच में यदि किसी भी स्तर पर लापरवाही या दोष सामने आता है तो संबंधित लोगों के खिलाफ कड़ी कानूनी और प्रशासनिक कार्रवाई की जायेगी.

18 जुलाई को भी 48 बच्चे हुए थे बीमार

Madhepura News: गम्हरिया प्रखंड में मध्याह्न भोजन से जुड़ी यह पहली घटना नहीं है. इससे पहले 18 जुलाई को उत्क्रमित मध्य विद्यालय जागीर टोला में कथित फूड पॉइजनिंग के कारण 48 बच्चे बीमार पड़े थे. स्थानीय लोगों का कहना है कि पूर्व की घटना के बाद भोजन के रखरखाव, स्वच्छता और गुणवत्ता की नियमित निगरानी की जाती तो दोबारा ऐसी स्थिति नहीं बनती.


प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By डिक्सन राज

डिक्सन राज प्रिंट माध्यम में 15 वर्षों से और डिजिटल माध्यम में पिछले 3 सालों से पत्रकारिता में एक्टिव हैं. गम्हरिया (मधेपुरा) क्षेत्र में काम कर रहे हैं. सामाजिक कार्यों, शिक्षा, राजनीति व खेल में रुचि रखते हैं.

Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >