मधेपुरा. बीएनएमयू की अंगीभूत इकाई एलएनएमएस कॉलेज वीरपुर में असिस्टेंट प्रोफेसर (दर्शनशास्त्र) डॉ सुधांशु शेखर एवं असिस्टेंट प्रोफेसर (भौतिकी) शशिकांत कुमार का स्वागत किया गया. दोनों का यूएमआईएस को लेकर चल रहे विवाद में क्रमश पी कॉलेज मधेपुरा एवं एमएचएम कॉलेज सोनवर्षा से स्थानांतरण हुआ है. इस अवसर पर उपस्थित शिक्षकों ने कहा कि दोनों शिक्षकों क आने से कॉलेज का चहुंमुखी विकास होगा. दोनों शिक्षकों ने कहा कि वे इस महाविद्यालय में अपनी सर्वोत्तम सेवा देने का प्रयास करेंगे. इस अवसर पर सीनेटर डॉ सुभाष चन्द्र राम, डॉ मो तबरेज आलम, डॉ निहारिका प्रजापति, डॉ मोहित गुप्ता, डॉ बेनुकर मंडल, डॉ प्रमोद कुमार, डॉ बिरेंद्र पासवान, डॉ पंकज शर्मा, डॉ राम नरेश राय, डॉ राम अवार कापर, अजय राज, डॉ मुख्तार पासवान, डॉ सोनल साह, डॉ रजनीगंधा, मुकुल कुमार, डॉ फैज अहमद सिद्दिकी, डॉ बैजवंश कुमार, डॉ सालीम जफर, डॉ भारती कुमारी, डॉ कुमार कमल कंचन, डॉ अंकेश कुमार, डॉ दीप गुप्ता, डॉ शहनवाज खान, डॉ ललन कुमार, डॉ राजीव रंजन, डॉ कुमारी रश्मि किरण आदि उपस्थित थे. [10/04, 18:22] PRO BNMU: संविदाकर्मी की सेवा बहाली की मांग सीनेटर डॉ. सुधांशु शेखर ने कहा है कि तथाकथित रूप से विश्वविद्यालय की क्षवि धूमिल करने वाली कम्प्यूटर ऑपरेटर (संविदा) द्वारा लगाए गए आरोपों की जांच होनी चाहिए। यदि इसके पीछे कोई साजिश है, तो साजिशकर्ता को कड़ी-से-कड़ी सजा मिलनी चाहिए। लेकिन हमें जांच के पूर्व वरीय पदाधिकारी की छवि को धूमिल करने के लिए बयानबाजी अथवा संविदा कर्मी पर सामाजिक एवं मानसिक दवाब बनाने का कुत्सित प्रयास नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा है कि बिना जांच पूरी हुए संविदा कर्मी को सेवा से बर्खास्त करना नैसर्गिक न्याय के खिलाफ है और मानवाधिकार का उल्लंघन भी है। इसलिए संविदाकर्मी की सेवा तत्काल प्रभाव से बहाल होनी चाहिए। जब तक जांच पूरी नहीं हो जाती है, उनके ऊपर कोई भी कार्रवाई नहीं होनी चाहिए।
एलएनएमएस कॉलेज वीरपुर में डॉ सुधांशु एवं शशिकांत का हुआ स्वागत

एलएनएमएस कॉलेज वीरपुर में डॉ सुधांशु एवं शशिकांत का हुआ स्वागत
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विश्वविद्यालय की क्षवि धूमिल करने वाली कम्प्यूटर ऑपरेटर (संविदा) द्वारा लगाए गए आरोपों की जांच होनी चाहिए