मधेपुरा समकालीन भारतीय राजनीति के बदलते परिदृश्य में, जहां वैचारिक प्रतिबद्धता, नैतिकता एवं आदर्शवाद का ह्रास व्यापक रूप से महसूस किया जा रहा है, ऐसे समय में निशांत कुमार द्वारा प्रारंभ की गयी “सद्भावना यात्रा” एक सकारात्मक, रचनात्मक एवं दूरदर्शी पहल के रूप में उभरकर सामने आयी है. यह विचार पसमांदा डेवलपमेंट रिसर्च फाउंडेशन के राष्ट्रीय संयोजक एवं शिक्षाविद प्रो डॉ पी फिरोज अहमद उर्फ फिरोज मंसूरी ने व्यक्त करते हुये कहा कि यह यात्रा लोकतांत्रिक चेतना के पुनर्जागरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है. उन्होंने इसे केवल एक राजनीतिक अभियान न मानते हुये जनसंवाद, सामाजिक समरसता और नैतिक राजनीति की पुनर्स्थापना का व्यापक प्रयास बताया. प्रो मंसूरी ने कहा कि आधुनिक बिहार के निर्माता एवं पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के विकासवादी दृष्टिकोण “न्याय के साथ विकास” ने शासन व्यवस्था में समावेशिता, पारदर्शिता एवं उत्तरदायित्व का नया मानक स्थापित किया है. इसी विचारधारा से प्रेरित होकर निशांत कुमार का सार्वजनिक जीवन में प्रवेश यह दर्शाता है कि मूल्य-आधारित राजनीति आज भी न केवल प्रासंगिक है, बल्कि समय की आवश्यकता भी है. वर्तमान राजनीतिक परिस्थितियों पर चिंता व्यक्त करते हुये उन्होंने कहा कि आज राजनीति में वंशवाद, अवसरवाद एवं तात्कालिक लाभ की प्रवृत्तियां बढ़ती जा रही हैं, जो लोकतंत्र की मूल भावना के विपरीत है. ऐसे दौर में निशांत कुमार द्वारा बिना किसी स्थापित राजनीतिक शक्ति-संरचना के सहारे, सीधे जनता के बीच जाकर संवाद स्थापित करना लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति उनकी प्रतिबद्धता का स्पष्ट प्रमाण है. यह पहल इस संदेश को सशक्त रूप से प्रस्तुत करती है कि लोकतंत्र की वास्तविक शक्ति जनता में ही निहित है. उन्होंने विशेष रूप से इस यात्रा की शुरुआत चंपारण से होने को एतिहासिक और प्रतीकात्मक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण बताया. यह वही भूमि है जहां महात्मा गांधी ने सत्य, अहिंसा एवं जनआधारित संघर्ष की नींव रखी थी. इस ऐतिहासिक पृष्ठभूमि में प्रारंभ हुई “सद्भावना यात्रा” लोकतांत्रिक आदर्शों की पुनर्पुष्टि का प्रतीक बनती है. अंत में, प्रो डॉ फिरोज मंसूरी ने विश्वास व्यक्त किया कि यह यात्रा बिहार की राजनीति में नई दिशा, नई उर्जा एवं सकारात्मक विमर्श का संचार करेगी. यह विभिन्न सामाजिक वर्गों के बीच संवाद को सुदृढ़ करेगी, सामाजिक समावेशन को बढ़ावा देगी तथा न्यायसंगत एवं सहभागी विकास मॉडल को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभायेगी.
आदर्शवाद, जनसंवाद और लोकतांत्रिक मूल्यों के पुनर्जागरण की सशक्त पहल : मंसूरी

आदर्शवाद, जनसंवाद और लोकतांत्रिक मूल्यों के पुनर्जागरण की सशक्त पहल : मंसूरी
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आदर्शवाद, जनसंवाद और लोकतांत्रिक मूल्यों के पुनर्जागरण की सशक्त पहल : मंसूरी