अतक्रिमणकारियों का कब्जा, पालते हैं पशु

अतिक्रमणकारियों का कब्जा, पालते हैं पशु फोटो – मधेपुरा 24 कैप्शन –लापरवाही . रखरखाव के अभाव में खंडहर बनता जा रहा है प्रेक्षागृह-कई सालों से नहीं हुआ किसी कार्यक्रम का आयोजनप्रतिनिधि, उदाकिशुनगंज अनुमंडल मुख्यालय स्थित एसबीजेएस हाई स्कूल के मैदान पर जिला योजना मद की राशि से निर्मित सामुदायिक भवन रखरखाव के अभाव में खंडहर […]

अतिक्रमणकारियों का कब्जा, पालते हैं पशु फोटो – मधेपुरा 24 कैप्शन –लापरवाही . रखरखाव के अभाव में खंडहर बनता जा रहा है प्रेक्षागृह-कई सालों से नहीं हुआ किसी कार्यक्रम का आयोजनप्रतिनिधि, उदाकिशुनगंज अनुमंडल मुख्यालय स्थित एसबीजेएस हाई स्कूल के मैदान पर जिला योजना मद की राशि से निर्मित सामुदायिक भवन रखरखाव के अभाव में खंडहर में तब्दील होते जा रहा है. अगर निकट भविष्य में भवन का मरम्मत नहीं करवायी गयी तो किसी भी समय धराशायी सकता है. दरअसल प्रेक्षागृह के दृष्टिकोण से भवन का निर्माण करवाया गया था. लेकिन यहां के लोगों के लिए यह सपना ही बन कर रह गया है. निर्माण में एसडीओ को रहा था योगदान अनुमंडल मुख्यालय में सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजन के लिए प्रेक्षा गृह नहीं था. तत्कालीन एसडीओ आइजी प्रधान के प्रयास के बाद उक्त भवन निर्माण के लिए जिला योजना मद से लगभग सात लाख रुपये का आवंटन हुआ था. प्रेक्षा गृह को ध्यान में रख कर ही निर्माण कार्य करवाया गया था. एक बड़ा हॉल के अलावे अगले हिस्से में छोटा – छोटा तीन कमरे भी बनवाये गये थे. हॉल के अंदर सुंदर रंग मंच भी बनवाया गया था. कार्य पूरा होना के पश्चात दस नवंबर 1989 ई को तत्कालीन आयुक्त मदन मोहन सिंह ने इसका उद्घाटन किया था. नहीं की गयी रखरखाव की व्यवस्था भवन निर्माण के बाद आज तक मरम्मति या रंग रोगन तक नहीं किया गया. जिसके कारण यह भवन खंडहर में तब्दील होते जा रहा है. फिर भी इसकी सूद लेने वाला कोई नहीं है. विधायक हो या सांसद इस भवन की ओर झांकते तक नहीं है. निकट भविष्य में उक्त भवन का मरम्मति नहीं करवाया गया तो छत कभी भी गिर सकता है. भवन का क्षत टूट कर गिरने लगा है. फर्श भी टूट चुका है. दीवार का प्लास्टर भी झरने लगा है. सरकारी कर्मचारियों द्वारा इस भवन की साफ सफाई भी नहीं करायी जाती है. जो ताला लगा हुआ है भवन में वो कभी खोला भी नहीं जाता है तो साफ सफाई करने की बात नहीं है. बिजली की नहीं है व्यवस्था दुर्भाग्य की बात है कि उक्त भवन को प्रेक्षा गृह का रूप देने के बावजूद भी बिजली आपूर्ति की व्यवस्था प्रशासन द्वारा नहीं की गयी. जबकि सभी सरकारी भवनों में बिजली की आपूर्ति होती रही है. बिजली नहीं रहने के कारण भवन में अंधेरा छाये रहता है. हुआ था कवि सम्मेलन 1990 में पहली बार फणेश्वर नाथ रेणु के जन्म दिवस पर कवि सम्मेलन व कॉलेज के छात्राओं द्वारा नाटक मंचन किया गया था. लेकिन प्रशासनिक उदासीनता के कारण अब तो उक्त भवन उस लायक भी नहीं रहा है. भवन के अंदर से इतना बदबू आता है कि मानव ठहर नहीं सकते हैं. भवन पर अतिक्रमणकारियों का कब्जा — प्रशासनिक लापरवाही के कारण कुछ लोगों ने भवन का अतिक्रमण कर अपना कारोबार किया करता है. यहां तक की भवन के कुछ हिस्से में अपना आसियाना बना रखा है. कुछ भाग में मवेशी पालन किया करते है. फिर भी प्रशासन की नजर इसकी ओर नहीं जाती है. अगर उक्त भवन का मरम्मति करा दिया जाय तो सुंदर प्रेक्षा गृह शुरू हो सकता है. लेकिन प्रशासन को इसके लिए इच्छा शक्ति उत्पन्न करना होगा.

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