ग्वालपाड़ा, मधेपुरा : शनिवार को जिला पदाधिकारी मो सोहैल के द्वारा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ग्वालपाड़ा का औचक निरीक्षण किया गया. इस दौरान डीएम पीएचसी की व्यवस्था को देख कर कर्मियों पर भड़क उठे और पीएचसी को व्यवस्थित करने का निर्देश दिया.
डीएम ने पीएचसी के सभी कार्यों के अलग – अलग पंजियों की जांच की. निरीक्षण के क्रम में उपस्थिति पंजी एवं भोजन पंजी देख कर डीएम ने कहा कि यहां काफी अनियमितता नजर आ रही है. साथ ही उपस्थिति पंजी में जिस कर्मी का उपस्थिति बनाया गया था, वह पीएचसी में उपस्थित ही नहीं था. डीएम ने उक्त कर्मी का उपस्थिति काटा.
वहीं प्रसव के लिए आयी मरीज बुधनी देवी से डीएम ने जब नाश्ता एवं भोजन के बारे मे पूछा तो पता चला की खाना में चावल, दाल, सब्जी दिया गया. नाश्ता नहीं दिया गया. दूध ब्रेड नहीं दिया गया. जबकि भोजन पंजी नाश्ता के लिये भी मरीज का नाम अंकित किया गया था. मौके पर डीएम ने अंचलाधिकारी बिकेस पांडेय को भोजन पंजी को जब्त करने का आदेश दिया.
निरीक्षण के क्रम में जांच करते हुए डीएम ने परिसर में लगे हेंड पंप खराब देख कर भड़क गये और सीओ को कभी कभी निरीक्षण करने का निर्देश दिया. वहीं लेखा पाल को भोजन मद से दिसम्बर महीने का पचास प्रतिशत राशि काटने का निर्देश डीएम ने दिया. मौके पर उपस्थित लेखा पाल व डाक्टर विनोद प्रसाद , डाक्टर जितेंद्र कुमार को आवश्यक निर्देश दिया गया.
प्रभारी चिकित्सा पदाधिकरी डा पी के अग्रवाल एवम बी एचएम के बारे में बताया गया कि वे बैठक में भाग लेने जिला मुख्यालय गये हैं. मौके पर एसएचओ सुनील कुमार भगत सदल-बल उपस्थित थे.
