प्रतिनिधि, उदाकिशुनगंजरविवार से रूक रूक कर हो रही वर्षा व आंधी आने से सब्जी व दलहन फसलों को नुकसान हो रहा है. इससे किसान हताशा है. प्रखंड क्षेत्र में 40 प्रतिशत खेतों में किसानों द्वारा हरी सब्जी व हरी मिर्च की खेती की जाती है, लेकिन रविवार से रूक रूक कर हो रही बारिश व आंधी के कारण इन साग सब्जियों की नकदी खेती बरबाद हो रहा है. साग सब्जी के खेती करने में लागत खर्च व परिश्रम अधिक होता है. प्रकृति की बेरुखी के कारण किसान आर्थिक रूप से टूटते जा रहे है. स्थिति ऐसी हो गयी है लागत खर्च भी किसानों को इन फसलों से नहीं निकल रहा है. बारिश के बाद धूप निकलने से पौधों पर प्रतिकूल असर पड़ता है, जबकि दलहन फसल मूंग की खेती के लिए उपयुक्त धूप होता है, लेकिन बारिश होने के कारण फसल मारी जा रही है. इतना ही नहीं तेज हवा के कारण आम व लची का फल बरबाद हो रहा है. अगर ऐसी स्थिति बनी रही तो बगीचे के मालिक भी आम व लीची खाने के लिए तरसते जायेंगे. मंजौरा के सब्जी की खेती करने वाले अरुण मेहता का कहना है कि पहले तो गेहूं फसल मारा चला गया. फिर आंधी के कारण मक्का बरबाद हो गया और अब बेमौसम बारिश से मूंग व सब्जी फसलों की बरबादी हो रही है.
बारिश से बरबाद हो रहा है सब्जी व दलहन की खेती
प्रतिनिधि, उदाकिशुनगंजरविवार से रूक रूक कर हो रही वर्षा व आंधी आने से सब्जी व दलहन फसलों को नुकसान हो रहा है. इससे किसान हताशा है. प्रखंड क्षेत्र में 40 प्रतिशत खेतों में किसानों द्वारा हरी सब्जी व हरी मिर्च की खेती की जाती है, लेकिन रविवार से रूक रूक कर हो रही बारिश व […]
