मजदूरों को आज तक रहने के लिए आवास नहीं : ललन

फोटो – मधेपुरा 04कैप्शन- धरना में उपस्थिति कार्यकर्ता एवं मजदूर. खेतिहर मजदूर यूनियन ने दिया धरना अधिक मूल्य पर किसान यूरिया खाद खरीदने को विवश प्रतिनिधि, कुमारखंडबिहार राज्य खेतिहर मजदूर यूनियन के प्रखंड इकाई द्वारा अंचल कार्यालय पर एक दिवसीय धरना- प्रदर्शन किया गया, जिसका नेतृत्व चंदेश्वरी रजक ने किया. धरना को संबोधित करते हुए […]

फोटो – मधेपुरा 04कैप्शन- धरना में उपस्थिति कार्यकर्ता एवं मजदूर. खेतिहर मजदूर यूनियन ने दिया धरना अधिक मूल्य पर किसान यूरिया खाद खरीदने को विवश प्रतिनिधि, कुमारखंडबिहार राज्य खेतिहर मजदूर यूनियन के प्रखंड इकाई द्वारा अंचल कार्यालय पर एक दिवसीय धरना- प्रदर्शन किया गया, जिसका नेतृत्व चंदेश्वरी रजक ने किया. धरना को संबोधित करते हुए खेतिहर मजदूर यूनियन के जिला सचिव कामरेड ललन कुमार ने कहा कि देश में 100 में 60 प्रतिशत मजदूर है. आजादी के 66 वर्ष बाद भी सरकार के मजदूर विरोधी नीति के कारण आज तक मजदूरों को रहने के लिए घर नहीं, घर बनाने के लिए जमीन नहीं, बासगीत परचा लाल कार्ड प्राप्त होने के बावजूद दखल नहीं है. आज जब सामने विधान सभा चुनाव है तो जमीन पर दखल दिलाने की घोषणा की गयी है. यह घोषणा ही रह जायेगी और एक बार फिर सरकार की मजदूर विरोधी नीति आप के सामने होगी. आजादी से आज तक खेत मजदूरों के लिए कोई कानून नहीं बना. खास कर जनवितरण प्रणाली, स्वास्थ्य शिक्षा, महंगाई, भ्रष्टाचार, अत्याचार, कुपोषण, बेरोजगारी की मार खेतिहर मजदूरों को झेलना पड़ रहा है. किसान सभा के जिला अध्यक्ष कामरेड पन्नालाल यादव ने कहा कि बिहार सरकार किसान विरोधी है, जब किसान अपना धान औने- पौने दाम में बेच लिया तक क्रय केंद्र खुला , यूरिया खाद बाजार से गायब है मिलता भी है तो 400-450 रुपया बैग. इसके अलावा अशोक कुमार, राजेंद्र यादव, बिजली खातून, जगन्नाथ दास, कैलाश सिंह, इंद्रदेव, जय प्रकाश, गजेंद्र, चंदेश्वरी दास, शिबू पंडित आदि ने भी संबोधित किया. वहीं आठ सूत्री का मांगों का ज्ञापन अंचलाधिकारी चंदेश्वरी रजक को सौंपा.

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