मधेपुरा : शुभकामना देना किसी को खूबसूरत अहसास से लबरेज कर देता है, नव वर्ष के बहाने जब शुभकामना किसी अपने को देना हो तो वे पल कुछ खास हो जाते हैं. नव वर्ष को लेकर शहर में ग्रिटिंग्स से सजे स्टेशनरी दुकानों पर उपहार खरीद रहे हर युवक व युवतियों के चेहरे कुछ इसी तरह के अल्फाज बयां कर रही थी.
खासकर म्यूजिकल कार्ड को खोलने पर हैप्पी न्यू ईयर, आई लव यू, जीने लगे हम, जैसी आवाज निकलने पर युवाओं का अंदाज रोमांचित हो उठता था. शहर में नववर्ष 2015 के स्वागत की तैयारी धीरे-धीरे जोर पकड़ रही है. कैलेंडर अपने तेवर और कलेवर बदलने के लिए तैयार है. हालांकि बदलते परिवेश में नव वर्ष में बधाई देने का तौर-तरीका भी बदलने लगा है. धीरे-धीरे युवाओं का मन ग्रिटिंग्स से हट कर गुलाब फूल की और आकर्षित हो रहा है. युवा खास मित्रों को गुलाब का फूल भेंट कर नये वर्ष को वेलेंटाइन डे की तरह मनाने की तैयारी कर रहे हैं.
बीएनएमयू के पीजी की छात्र मुस्कान कहती है कि अपने करीबी को गुलाब के गुलदस्ते के साथ शुभाकामना देंगे. क्योंकि गुलदस्ते की हर गुलाब की एक-एक पंखुड़ी भीनी-भीनी खुशबू लिये शिद्दत के साथ चाहत भरी शुभकामना का संदेश देगी. छात्र प्रियंका नये वर्ष में दोस्तों से मिल कर शुभकामना देने का मन बना रही है. वे कहती हैं शुभकामना देने से रिश्ते में मिठास आती है. रिश्तों के दरम्यां आये कुछ फासले इस बहाने मिट जाती है. नववर्ष के दिन फूलों का गुलदस्ता लेकर अपने खास पल को और खास बनाते हुए नववर्ष की बधाई देंगे. बीए की छात्र ऋचा का मानना है कि ऐसे समय में जब आप बहुत कुछ नहीं कह सकते तब शब्द बड़ी सहायता करते हैं. खास पलों में हर चीज एक्सप्रेसिव होना चाहिए.
उपहारों की है बहार
नव वर्ष पर इन दिनों उपहार देने का भी चलन प्रचलित हो गया है. यही कारण है कि बाजार में गिफ्ट आइटम की ब्रिक्री परवान पर है. गिफ्ट आइटम विक्रेता सह सुनील श्रृंगार महल के प्रोपराइटर राकेश कुमार ने बताया कि नव वर्ष को ध्यान में रख कर ही गिफ्ट आइटम बाहर से मंगवाया गया है. बाजार में 20 रुपये से लेकर 22 सौ रुपये तक के नव वर्ष स्पेशल गिफ्ट उपलब्ध हैं.
अलग-अलग आयु वर्ग के अनुसार अलग गिफ्ट का प्रचलन है. किशोर वर्ग में ट्रेडी बीयर, आइ लव यू लिखे मोमेंटो, फूलों के गुलदस्ते आदि की मांग अत्यधिक होती है. वहीं महिलाएं एवं युवतियों को पर्स एवं गुलदस्ता भेंट किया जाता है. हालांकि ऐसे छोटे गिफ्ट की भी काफी डिमांड है जो आकार में छोटे हों ताकि देने में और रखने में सहज रहे. उपहारों में इन दिनों चॉकलेट पैक, केक, कुकीज आदि भी अपनी जगह बना रहा है. स्टेशनरी दुकानदार राकेश कुमार का कहते हैं कि पिछले वर्ष की तुलना में इस वर्ष ग्रिटिंग्स की बिक्री में बढ़ोतरी हुई है. खास कर बच्चों एवं युवाओं में ग्रिटिंग्स के प्रति आकर्षण देखा जा रहा है.
सिर चढ़ कर बोल रहा है ग्रिटिंग्स का क्रेज
नये वर्ष की शुभकामना भले ही आधुनिक युग में मोबाइल या इंटरनेट ने ले लिया हो लेकिन आज भी ग्रिटिंग्स का क्रेज युवाओं के सिर चढ़ कर बोल रहा है. इंटरनेट के इस युग में युवा पुरानी परंपरा को निभा रहे हैं. बाजार में ऐसे-ऐसे ग्रिटिंग्स देखने को मिल रहे हैं जिसके खुलते ही तरह-तरह के द्विअर्थी शब्द निकलने लगते हैं.
इस वर्ष बढ़ी मांग
दुकानदार राकेश कुमार का कहना है कि पिछले वर्ष की तुलना में इस वर्ष ग्रिटिंग्स की बिक्री में बढ़ोतरी हुई है. खास कर बच्चों व युवाओं में ग्रिटिंग्स के प्रति आर्क षण देखा जा रहा है. दुकानदार का कहना है कि युवा या बच्चे आरचीज की ग्रिटिंग्स को कम तथा चाइनीज को ज्यादा वरीयता दे रहे हैं. पिछले वर्ष जहां 15 हजार रुपये के ग्रिटिंग्स की बिक्री हुई थी वहीं इस वर्ष करीब 30 हजार रुपये के ग्रिटिंग्स की बिक्री होने की उम्मीद है.
