उदाकिशुनगंज (मधेपुरा) : अनुमंडल मुख्यालय स्थिति महादलित परिवारों की जिंदगी इस कड़ाके की ठंड में अलाव के सहारे कटती नजर आ रही है. आकाश में घना कोहरा छाये रहने से और अधिक ठंड का असर दिन भर रहा करता है. गरीबी के कारण अपने बदन ढकने के लिए गरम कपड़े भी नहीं खरीद पाते. फिर भी सरकारी स्तर अभी तक कंबल वितरण की व्यवस्था अभी तक नहीं की जा सकी है.
यहां तक की मुख्यालय में भी अलाव की व्यवस्था प्रशासन की ओर से नहीं की जा सकी है. प्रखंड के जाैतली ग्राम पंचायत के रहुआ महादलित टोला के वृद्ध जग्गन ऋषिदेव, यशोदिया देवी, भूषाय ऋषिदेव, दायवति देवी जगनिया देवी ने कहा कि अगर सरकार की ओर से हम गरीबों के लिए कंबल की व्यवस्था कर दी जाती तो ठंड गुजार पाते. इस संदर्भ में सीओ श्यामनंद झा ने कहा कि अभी तक सरकार की ओर से ऐसा कोई दिशा निर्देश नहीं आ रहा है.
बिहारीगंज प्रतिनिधि के अनुसार, प्रखंड में मुख्य बाजार एवं चौक चौराहे पर अलाव की व्यवस्था अभी तक नहीं होने के कारण लोगों ने अलाव जलाने की मांग किया. कुमारखंड प्रतिनिधि अनुसार, बढ़ते ठंड एवं पछुआ हवा चलने से लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है. खास कर महादलित टोलों में शीतलहर एवं कुहासे के कारण काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. ललन कुमार कुमारखंड, गुडडू कुमार, शंभु सिंह, बबलू पासवान ने बताया कि ठंड एवं पछुआ हवा के कारण बच्चों को स्कूल जाने में परेशानी होती है. पुरैनी प्रतिनिधि अनुसार, सोमवार को सुबह से पछुआ हवा चलने से जन जीवन अस्त-व्यस्त हो गया है. सुबह से जहां लोग अपने घर से निकल नहीं रहे थे. सीओ जफरूल हौदा ने बताया कि विभाग के ओर से अलाव के लिए मात्र तीन हजार रुपये ही आवंटित किये गये. काफी ठंड गिरने के उपरांत अलाव की व्यवस्था की जायेगी.
ग्वालपाड़ा प्रतिनिधि अनुसार, प्रखंड क्षेत्र मे रूक रूक जारी शीतलहर से लोगों की परेशानी बढ़ रही है. सोमवार की सुबह घने कोहरे एवं शीतलहर से लोग परेशान नजर आये. बस पड़ाव पर लोग ठिठुरते नजर आये. सड़कों पर दिन के 11 बजे तक रोशनी जला कर सवाड़ी चलने की विवश देखी गई. वही चौक चौराहे पर लोग अलाव की तलाश में इधर-उधर भटकते नजर आये. सीओ त्रिपुरारीशरण श्रीवास्तव ने बताया कि आलाव के मद में मात्र तीन हजार रुपये उपलब्ध हुआ है. कर्मचारियों को आलाव लगाने के लिए जगह चिह्न्ति करने का निर्देश दिया गया है. तथा आलाव लगाने कि प्रक्रिया जारी किया जा रहा है.
