प्रतिनिधि, ग्वालपाड़ाप्रखंड के किसान औने-पौने कीमत पर धान बेचने को विवश है. सरकारी घोषणा के अनुरूप 25 नवंबर को धान क्रय करने निर्देश दिया गया था, लेकिन सरकारी लचर व्यवस्था के चलते धान क्रय शुरू नहीं किया गया. इसका खामियाजा प्रखंड क्षेत्र को भुगतान पड़ रहा है. अपनी कठिन परिश्रम एवं ऊंची लागत पर किसान धान उपज करने के बावजूद किसान बाजार के व्यापारियों हाथों धान बेचने को मजबूर है. वहीं सरकारी लोगों का कहना है कि धान खरीद की सारी प्रक्रिया पूरी कर ली गई हैं लेकिन प्रखंड परिसर में तैयार 500 एमटी गोदाम खाली नहीं रहने के कारण धान क्रय शुरू नहीं किया गया है. वैसे प्रखंड के पैक्स अध्यक्षों के साथ बैठक हो चुका हैं. दूसरी तरफ क्रय केंद्र पर तौल तराजू, नटी जांच का मीटर नहीं है. जबकि सरकारी निर्देष के अनुसार 17 प्रतिशत मुआईस्चर वाले धान की खरीद के लिए निर्धारित की गयी है. क्या कहते हैं बीसीओबीसीओ अमित कुमार ने बताया कि गोदाम खाली हो रहा है. अगले दो दिनों के अंदर धान खरीद शुरू हो जायेगा. उन्होंने बताया कि रेशना एवं खोखशी पंचायत के पैक्स अध्यक्षों को खरीद वंचित किया गया है, वहां के किसान अपना धान प्रखंड परिसर में एसएफसी गोदाम में सीधे बेच सकते हैं.
निर्धारित तिथि पर धान क्रय नहीं
प्रतिनिधि, ग्वालपाड़ाप्रखंड के किसान औने-पौने कीमत पर धान बेचने को विवश है. सरकारी घोषणा के अनुरूप 25 नवंबर को धान क्रय करने निर्देश दिया गया था, लेकिन सरकारी लचर व्यवस्था के चलते धान क्रय शुरू नहीं किया गया. इसका खामियाजा प्रखंड क्षेत्र को भुगतान पड़ रहा है. अपनी कठिन परिश्रम एवं ऊंची लागत पर किसान […]
