पुरैनी/चौसा चौसा प्रखंड के पैना गांव में दो दिवसीय जलसा का आयोजन किया गया. जलसा में दूर-दूर से आये मोक्करीर(वक्ता) तथा शायर कारी मो निशार अहमद, मौलाना जिकरूल्लाह कादरी बरैली, मौलाना जियाउद्दीन छत्तीसगढ़, मौलाना मोइनउद्दीन मालदह बंगाल, मौलाना नबिल अख्तहर दिल्ली, हजरत इब्राहीम रजा चतुर्वेदी नेपाल, हलचल सूबहानी, अहमद रजा कानपूरी, मौलाना डाबर अशरफी ने भाग लिया. जिसे सुनने के लिए जन सैलाब उमर पड़ा. शायरों ने अपने एक से एक कलाम पर लोगों को झूमने पर मजबूर कर दिया. वहीं मोक्करीर मौलाना जियाउद्दीन छाीसगढ़ ने अपने तकरीर मे कहा की कामयाब मुसलमान वही है जो इसके रसूल है जो मोहम्मदसल्लाह अलयहे वसल्लम और हसने हुसैन सच्ची मोहब्बत करेगा. वह दुनियां और अखिरत दोनों में कामयाब है. वहीं हजरत इब्राहीम रजा चतुर्वेदी ने आज के मुसलमनों के बारे में कहा कि न रोजा से वस्ता है न ही नमाज ऐसे में मुसलमान गर्क में जाता चला जायेगा. आज की औरतों के बारे में बताया की आज की औरत शौहर को शौहर नहीं समझती है और खरचीली हो गई है. बीच-बीच में नारे तकविर नारे रसालत के नारे लगते राहे. इस जलसे को कामयाब बनाने के लिये रूहे कायनात कॉन्फ्रेंस कमेटी के अध्यक्ष मो जाकिर, सचिव मो बबलू, कोषाध्यक्ष मो सलीम, मुखिया मो गफ्फार, सरपंच अब्दूल जब्बार, पंचायत समिति सदस्य मो शाहजहाँ, मो फिरयाद, मो जूबैर अदी के मेहनत से हुआ.
कायनात कॉन्फ्रेंस जलसा का आयोजन
पुरैनी/चौसा चौसा प्रखंड के पैना गांव में दो दिवसीय जलसा का आयोजन किया गया. जलसा में दूर-दूर से आये मोक्करीर(वक्ता) तथा शायर कारी मो निशार अहमद, मौलाना जिकरूल्लाह कादरी बरैली, मौलाना जियाउद्दीन छत्तीसगढ़, मौलाना मोइनउद्दीन मालदह बंगाल, मौलाना नबिल अख्तहर दिल्ली, हजरत इब्राहीम रजा चतुर्वेदी नेपाल, हलचल सूबहानी, अहमद रजा कानपूरी, मौलाना डाबर अशरफी ने […]
