अजूबे बच्चे की बदनसीब कहानी

यह तसवीर है मधेपुरा नप क्षेत्र के जयप्रकाश नगर निवासी शिक्षक विजय कुमार के पुत्र आदित्य की. आदित्य की उम्र महज ढाई साल है, पर दाढ़ी-मूंछ ने उसे 25 साल के युवक जैसा बना दिया है. आदित्य के नाना ने बताया कि एक साल तक उसका विकास सामान्य था. अचानक बदलाव दिखने लगा. देखते ही […]

यह तसवीर है मधेपुरा नप क्षेत्र के जयप्रकाश नगर निवासी शिक्षक विजय कुमार के पुत्र आदित्य की. आदित्य की उम्र महज ढाई साल है, पर दाढ़ी-मूंछ ने उसे 25 साल के युवक जैसा बना दिया है.

आदित्य के नाना ने बताया कि एक साल तक उसका विकास सामान्य था. अचानक बदलाव दिखने लगा. देखते ही देखते उसके चेहरे पर घनी दाढ़ी हो गयी. आदित्य की बदनसीबी रही कि उसके पिता ने इन सब कारणों के लिए आदित्य की मां को जिम्मेदार ठहराते हुए उसका साथ छोड़ अलग रहने लगे.

नाना ने अपने स्तर से आदित्य का इलाज पटना तक करवाया. मगर चिकित्सकों ने सलाह दी कि बेहतर इलाज दिल्ली के किसी बड़े अस्पताल में करावायें. मगर बड़े खर्च के कारण आदित्य के नाना दिल्ली तक नहीं पहुंच पाये हैं. आदित्य सामान्य बच्चे की तरह कोई हरकत नहीं कर पाता है.

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