मटर छिमी की खेती में कीड़ा खोरी से किसान हैं परेशान

मेदनीचौकी : प्रखंड के मेदनीचौकी क्षेत्र अंतर्गत अवगिल मौजे के सैकड़ों एकड़ जमीन में लगी मटर छिमी के फसल में कीड़ाखोरी से किसान परेशान हो रहे हैं. किसानों के अनुसार मोटी पूंजी के लागत से उक्त फसल की बुआई की गयी है. पौधे निकलने के बाद जब फुल पर मटर छिमी का पौधा आ रहा […]

मेदनीचौकी : प्रखंड के मेदनीचौकी क्षेत्र अंतर्गत अवगिल मौजे के सैकड़ों एकड़ जमीन में लगी मटर छिमी के फसल में कीड़ाखोरी से किसान परेशान हो रहे हैं. किसानों के अनुसार मोटी पूंजी के लागत से उक्त फसल की बुआई की गयी है. पौधे निकलने के बाद जब फुल पर मटर छिमी का पौधा आ रहा है, ऐसे समय में कीड़ाखोरी होने से फसल को नुकसान पहुच रहा है, जिससे किसान काफी चिंतित देखे जा रहे हैं.

बताते चले कि किसानों द्वारा मटर छिमी की फसल नगदी खेती के रूप में किया जा रहा है. जिसमें काफी पूंजी व्यय करना पड़ता है. मटर छिमी की खेती करने वाले किसान राजो तांती दो बीघा, गिरीश महतो, चार बीघा, पप्पू महतो, पांच बीघा, जमुना प्रसाद महतो दो बीघा, धीरेंद्र महतो तीन बीघा व असेसर महतो दो बीघा कर रहे किसानों ने बताया कि मौसम खराब होने के कारण कीड़ा का प्रकोप बढ़ रहा है.
जिससे मटर छिमी में आ रहे फूल को नुकसान पहुंचा रहा है. जिसके का फूल फल लगने से पहले गिर रहा है. ऐसी परिस्थिति को देखते हुए किसान मटर छिमी के पौधे में कीटनाशक दवाई से स्प्रे किया जा रहा है. शुरुआत में छिमी का फल लगने से अगंतर तैयार होने पर बाजार में भाव अच्छा मिलता है. फसल में कीड़ा खोरी से किसान की परेशानी बढ़ी हुई है.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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