ट्रांसपोर्टर भी दे रहे है हड़ताल की चेतावनी
बस, ट्रक के किराये में वृद्धि से बढ़ेगा माल भाड़ा
माल भाड़े में वृद्धि से बाजार में पड़ेगी महंगाई की परछायीं
मधेपुरा : जिले में फिलवक्त डीजल की कीमत प्रति लीटर 74.83 रुपया व पेट्रोल 84.78 रुपया की दर से मिल रहीं है, जबकि बीते 13 मई को डीजल 71.46 व पेट्रोल 81.10 प्रति लीटर की दर से उपलब्ध थी. इन दो सप्ताह के अंतराल में पेट्रोलियम पद्धार्थों की कीमत में हुई वृद्धि ने सिर्फ वाहन चालक ही नहीं आम जनमानस की भी कमर तोड़ दी है.
पेट्रोलियम की बढ़ी कीमत का खामियाजा प्राइवेट वाहनों में ही नहीं बस व सार्वजनिक वाहनों में सफर करने वाले लोगों को भी भुगतना पड़ रहा है. बस,ऑटो व कैब मालिकों द्वारा ग्राहकों पर दर बढ़ाने के लिए दबाब बनाया जाने लगा है.
हालांकि ट्रासपोर्टरों द्वारा भाड़ा वृद्धि कर दिये जाने का असर आम जनमानस को प्रभावित करने लगा है. खाद्य पद्धार्थों की कीमत बढ़ने से होटल व रेस्टूरेंट में खाने के प्लेट मंहगे होंगे. हालांकि कई जगहों पर होटल संचालक सब्जी की मात्रा कम कर दर वृद्धि के नुकसान को कम करने की कोशिश करने लगे है.
मसाला की कीमतों में आयेगी तेजी: जानकारी के अनुसार जिले में रोजाना बहुतायात मात्रा में खाद्य पद्धार्थ की आवक गुलाबबाग मंडी, पटना, पश्चिम बंगाल से होती है. जिसमें ज्यादा तादाद दाल, मसाला व चीनी की होती है. थोक विक्रेताओं के अनुसार ट्रांसपोर्टर पहले की अपेक्षा कीमत में इजाफा का दबाब देने लगे है. माल भाड़ा नहीं बढ़ाने पर हड़ताल की धमकी भी दी जाने लगी है. ज्ञात हो कि बाहर से आने वाले सामानों की खेप को गोदाम में रखने के बाद दुकान तक पहुंचाने में छोटे वाहनों का उपयोग किया जाता है. व्यवसायी बताते है कि ऐसे में सामानों की कीमत में बगैर वृद्धि किये गुंजाइश नहीं है. सबसे ज्यादा असर मसाला की कीमत पर ज्यादा होने के आसार लगाये जा रहे है. ट्रक भाड़ा में प्रति टन 50 से 60 रुपये बढ़ा दिये गये है.
सब्जीमंडी भी नहीं रहेगा अछूता
मधेपुरा सहित आसपास के इलाके में आलू व प्याज की आपूर्ति उत्तरप्रदेश व पंजाब से की जाती है. जानकारी के अनुसार ज्यादातर व्यवसायियों द्वारा बड़े पैमाने पर माल की आवक के लिए सड़क मार्ग को ही प्राथमिकता दी जाती है. ऐसे में डीजल की लगातार बढ़ रहीं कीमत का असर आलू व प्याज के खुदरा कीमतों पर भी दिखेगी. इसका असर स्थानीय बाजार में दिखने लगी है. सब्जी की कीमतों में डेढ़ गुणा तक वृद्धि हो गयी है.
आवश्यक सेवाओं का भाड़ा अभी स्थिर
डीजल की लगातार बढ़ रही कीमत के दुष्प्रभाव से फिलवक्त आवश्यक सेवाएं दूर है. जिले में संचालित एंबुलेंस सेवा का भाड़ा यथावत रखा गया है. इसके अलावा बरौनी डेयरी से आने वाली सुधा मिल्क की कीमत नहीं बढ़ी है. बाजार के जानकार बताते है कि पेट्रोलियम की कीमत में गिरावट से बाजार को कुछ राहत मिलेगी. उन्होंने बताया कि आगामी दस से 15 दिनों में राहत की उम्मीद है.
