भारत में तंबाकू के सेवन से हर साल मर जाते हैं 12 लाख लोग

पार्वती विज्ञान कॉलेज में हुआ कार्यक्रम मधेपुरा : गुरुवार को पार्वती विज्ञान महाविद्यालय में राष्ट्रीय सेवा योजना के द्वारा विश्व तंबाकू निवारण दिवस पर संगोष्ठी का आयोजन किया गया. कार्यक्रम का उद्घाटन प्राचार्य डॉ राजीव सिन्हा ने किया. समारोह को संबोधित करते हुए प्राचार्य ने कहा कि पूरे विश्व के लोगों को तंबाकू के खतरों […]

पार्वती विज्ञान कॉलेज में हुआ कार्यक्रम

मधेपुरा : गुरुवार को पार्वती विज्ञान महाविद्यालय में राष्ट्रीय सेवा योजना के द्वारा विश्व तंबाकू निवारण दिवस पर संगोष्ठी का आयोजन किया गया. कार्यक्रम का उद्घाटन प्राचार्य डॉ राजीव सिन्हा ने किया.
समारोह को संबोधित करते हुए प्राचार्य ने कहा कि पूरे विश्व के लोगों को तंबाकू के खतरों से बचाने के लिए विश्व स्वास्थ्य दिवस के स्थापना दिवस पर पहली बार संगठन के कुछ सदस्यों द्वारा विश्व तंबाकू निषेध दिवस का शुभारंभ किया गया. फिर आगे चलकर 31 मई 1987 को पहली बार पूरी बीच में वर्ल्ड नो टोबैको डे का आयोजन हुआ. जिसके बाद हर साल पूरे विश्व में आज के दिन वर्ल्ड नो टोबैको डे मनाया जाता है. एनएसएस पदाधिकारी डॉ अभय कुमार ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि विश्व स्वास्थ्य संगठन की रिपोर्ट के अनुसार आंकड़े बताते हैं कि भारत में तंबाकू उत्पादों का सेवन करने वाले 12 लाख लोग हर साल मर जाते हैं.
देश में 25 करोड़ पुरुष तंबाकू का सेवन करते हैं. इसके अलावा 11:15 करोड़ धूम्रपान करते हैं. भारत में तंबाकू की 55 फ़ीसदी खबर बीड़ी, सिगरेट और 30 फ़ीसदी खपत गुटखे के रूप में हो रही है. एक अनुमान के मुताबिक 15 वर्ष की उम्र में 49 प्रतिसत पुरुष और 28 प्रतिसत महिलाएं धूम्रपान शुरू कर देते हैं. 32 प्रतिसत महिलाएं और 58 प्रतिशत पुरुष विभिन्न रूपों में तंबाकू का सीधा सेवन करते हैं. तंबाकू के सेवन से होने वाले रोगों में हृदय रोग, कैंसर, मधुमेह, दमा, टीवी, अवसाद आदि कई बीमारियां हैं, जो तंबाकू के सेवन के साथ जुड़ी है. इससे बचने के लिए समाज में जागरूकता जरूरी है.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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