मधेपुरा सीओ के खिलाफ न्यायालय में परिवाद दायर

मधेपुरा : सदर अंचल के राजपुर गांव में विगत पांच मई को अंचलाधिकारी द्वारा सड़क की जमीन बता कर घर को बुलडोजर से तुड़वाने के मामले में पीड़ित शंभू शरण भारतीय ने सीओ श्रीकांत सिन्हा एवं अंचल अमीन हरेराम यादव के खिलाफ मधेपुरा व्यवहार न्यायालय में परिवाद दायर किया है. अपने परिवाद में शंभू शरण […]

मधेपुरा : सदर अंचल के राजपुर गांव में विगत पांच मई को अंचलाधिकारी द्वारा सड़क की जमीन बता कर घर को बुलडोजर से तुड़वाने के मामले में पीड़ित शंभू शरण भारतीय ने सीओ श्रीकांत सिन्हा एवं अंचल अमीन हरेराम यादव के खिलाफ मधेपुरा व्यवहार न्यायालय में परिवाद दायर किया है. अपने परिवाद में शंभू शरण भारतीय ने आरोप लगाया है कि गांव के दबंग और शरारती लोगों से लाभान्वित हो कर सीओ श्रीकांत सिन्हा और अंचल अमीन हरेराम यादव ने साजिश कर उनके घर को तुड़वा दिया है. पीड़ित ने कहा है कि उन्हें न पूर्व नोटिस दी गयी और न घर तोड़ने पहुंचे सीओ ने घर से सामान निकाल लेने की कोई मोहलत ही दी. पीड़ित शंभू शरण भारतीय ने अदालत से संबंधित अधिकारी एवं कर्मी पर कार्रवाई करते हुए न्याय की गुहार लगायी है.

शंभू शरण भारतीय ने कहा है कि अंचल अमीन का नापी प्रतिवेदन बारीकी से देखने से ही यह स्पष्ट हो जाता है कि पोखर घेराबंदी से ग्रामीण रास्ता अवरूद्ध होने के बाद अंचल कार्यालय के सरकारी अमीन ने गांव के दबंग एवं शरारती तत्वों से लाभान्वित हो कर उनके वर्चस्व एवं प्रभाव में आ कर फर्जी एवं अस्पष्ट नापी प्रतिवेदन और नक्शा तैयार किया. विगत वर्ष 30 अगस्त को सीओ को समर्पित किया. इस बीच मधेपुरा अंचल में पदस्थापित सीओ एवं प्रभारी सीओ ने मामले पर संशय करते हुए इसे लंबित ही रखा. जैसे ही डीएम एवं एसपी का तबादला हुआ उसी क्रम में मौका पा कर नवपदस्थापित सीओ श्रीकांत सिन्हा ने पांच मई को यह कार्रवाई कर दी.
पीड़ित ने आरोप लगाया है कि फर्जी नापी और अस्पष्ट प्रतिवेदन के आधार पर सीओ श्रीकांत सिन्हा एवं अंचल अमीन हरेराम यादव ने दबंगों से लाभ लेकर उनकी इच्छानुसार बिना किसी जांच के और बगैर पूर्व सूचना के परिवादी की संपत्ति को क्षतिग्रस्त किया. परिवादी द्वारा घर से सामान निकालने का समय मांगने के बावजूद सीओ ने समय नहीं होने की बात कही. परिवादी ने कहा पहले ही स्टे कराने के नाम पर पचास हजार की रकम मांगी गयी. नहीं देने पर इस कार्रवाई को अंजाम दिया गया. उन्होंने कहा कि घटना की फोटोग्राफी के क्रम में पदाधिकारी ने परिवादी को गाली भी दी. घर क्षतिग्रस्त करने के क्रम में तीन लाख 64 हजार की संपत्ति बर्बाद हो गयी.
साक्ष्य प्रस्तुत करूंगा
गांव के कुछ लोगों ने लोक शिकायत निवारण प्राधिकार में परिवाद दायर किया था. प्राधिकार के निर्णय के अनुसार ही मैंने कार्रवाई की है. जिन्होंने अदालत में परिवाद दायर किया है उन्हें कई बार चौकीदार के जरिये नोटिस भेजी गयी थी, लेकिन उन्होंने लेने से इंकार कर दिया. मैंने सही कार्रवाई की है. अदालत जब मुझसे जवाब मांगेगी तब मैं सभी साक्ष्य प्रस्तुत करूंगा.
श्रीकांत कुमार सिन्हा, अंचलाधिकारी, मधेपुरा

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