मेदनीचौकी(लखीसराय) से रंजीत शर्मा की रिपोर्ट. क्षेत्र में बुधवार की देर रात मौसम ने अचानक करवट ली. तेज आंधी और कड़कड़ाती बिजली के साथ हुई बेमौसम बारिश किसानों के लिए मिश्रित परिणाम लेकर आई है. जहां कुछ फसलों के लिए यह बारिश ‘वरदान’ साबित हुई है, वहीं फलों की खेती करने वाले किसानों के लिए यह ‘अभिशाप’ बनकर बरसी है.
एक घंटे तक चला कुदरत का कहर
बुधवार रात करीब एक घंटे तक बादलों के गरजने और बिजली की चमक के साथ मूसलाधार बारिश हुई. अचानक आए इस आंधी-तूफान से पूरा इलाका दहल गया. मेदनीचौकी थानाध्यक्ष चितरंजन कुमार ने बताया कि तेज आंधी-बारिश के बावजूद क्षेत्र में अब तक किसी जान-माल की हानि या अप्रिय घटना की सूचना प्राप्त नहीं हुई है.
फसलों पर असर: मूंग और मकई को मिला जीवनदान
बारिश का फसलों पर अलग-अलग प्रभाव देखने को मिला है:
- फायदा: मूंग, मकई और हरी सब्जियों की खेती करने वाले किसानों के चेहरे खिल उठे हैं. इस समय इन फसलों को पानी की जरूरत थी, जिससे यह बारिश सिंचाई का काम कर गई.
- नुकसान: सबसे अधिक मार आम के बगीचों पर पड़ी है. तेज आंधी के कारण आम के टिकोले (छोटे फल) भारी मात्रा में झड़ गए हैं, जिससे बागवानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा है.
किसानों की चिंता
बारिश थमने के बाद किसान अपने खेतों और बगीचों का जायजा लेने पहुंचे. आंधी के झोंकों ने आम की पैदावार पर प्रतिकूल असर डाला है, जिससे इस साल उत्पादन घटने की आशंका जताई जा रही है. हालांकि, मूंग और मकई के किसानों के लिए यह बारिश काफी राहत देने वाली रही है.
