सूर्यगढ़ा (लखीसराय). सूर्यगढ़ा प्रखंड के बुधौली बनकर पंचायत अंतर्गत श्रृंगी ऋषि धाम में बीती रात दुकानों में हुई आगजनी की घटना के बाद शनिवार को धाम परिसर का बाजार बंद रहा. घटना में तीन दुकानें पूरी तरह जलकर राख हो गईं, जबकि एक दुकान को आंशिक क्षति पहुंची है. आगजनी के बाद दुकानदारों में आक्रोश है और उन्होंने नुकसान का उचित आकलन कर मुआवजा देने की मांग की है.
तीन दुकानें पूरी तरह जलीं, एक को नुकसान
जानकारी के अनुसार तेतरिया गांव निवासी सचिन कुमार, सिंघौल गांव निवासी शंकर मोदी और भिखारी प्रसाद वर्मा की दुकानों में आग लगने से व्यापक नुकसान हुआ है. दुकानदारों के अनुसार आग की चपेट में आने से तीन दुकानें पूरी तरह जल गईं, जबकि एक दुकान को आंशिक क्षति हुई है.
दुकानदारों ने सभी दुकानों में हुए नुकसान का प्रारंभिक अनुमान करीब 10 लाख रुपये लगाया है. हालांकि वास्तविक क्षति का आकलन जांच और निरीक्षण के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा.
मुआवजे और सुरक्षा व्यवस्था की मांग
आगजनी के बाद दुकानदारों ने मंदिर कमेटी और प्रशासन से मुआवजे की मांग की है. उनका कहना है कि दुकान लगाने के एवज में मंदिर कमेटी की ओर से प्रतिदिन शुल्क लिया जाता है, लेकिन इसके बावजूद दुकानों और दुकानदारों की सुरक्षा के लिए पर्याप्त इंतजाम नहीं हैं.
दुकानदार सीता देवी ने कहा कि दुकान के नाम पर प्रतिदिन शुल्क लिया जाता है, लेकिन सुरक्षा व्यवस्था के लिए ठोस इंतजाम नहीं किए गए हैं. दुकानदारों ने धाम परिसर में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाने की मांग की है.
ठोस पहल नहीं हुई तो दुकानें बंद रखने की चेतावनी
दुकानदारों ने स्पष्ट किया कि जब तक मुआवजे और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर ठोस पहल नहीं होती, तब तक दुकानें बंद रखने पर विचार किया जा रहा है. शनिवार को दुकानें बंद रहने से धाम परिसर में कारोबार पूरी तरह प्रभावित रहा.
प्रशासन ने किया घटनास्थल का निरीक्षण
आगजनी की सूचना मिलने के बाद प्रशासनिक टीम मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया. मामले को लेकर बन्नू बगीचा थाना में आवेदन भी दिया गया है. आग लगने के कारणों का फिलहाल पता नहीं चल सका है. पुलिस जांच के बाद ही घटना की वास्तविक वजह स्पष्ट हो सकेगी.
श्रावणी मेला में श्रद्धालुओं को हुई परेशानी
श्रावणी मेला के दौरान श्रृंगी ऋषि धाम में दूर-दराज से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं. दुकानें बंद रहने के कारण श्रद्धालुओं को फूल-माला, बेलपत्र, प्रसाद, पूजा सामग्री, खान-पान और खिलौने खरीदने में परेशानी हुई.
कई श्रद्धालुओं को आवश्यक पूजा सामग्री और अन्य सामान के लिए इधर-उधर भटकना पड़ा. बाजार बंद रहने से जहां दुकानदारों में नाराजगी है, वहीं श्रद्धालुओं को भी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है.
जांच के बाद स्पष्ट होगा आग लगने का कारण
आगजनी की घटना में नुकसान का अनुमान फिलहाल दुकानदारों द्वारा लगाया गया है. आग किन परिस्थितियों में लगी और इसके पीछे क्या कारण रहा, यह जांच का विषय है. अब दुकानदारों की नजर मंदिर कमेटी और जिला प्रशासन की ओर से मुआवजे तथा सुरक्षा व्यवस्था को लेकर उठाए जाने वाले कदम पर टिकी है.
